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आज का योगासन: इन योग के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी होती है मजबूत और लचीली, पीठ और कमर दर्द में लाभदायक

Mon, 31 Jan 2022 12:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रीढ़ की हड्डी को कैसे स्वस्थ रखें - फोटो : Pixabay
जीवनशैली की गड़बड़ी और समय के साथ बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता कई तरह से हमारे शरीर के अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसमें भी रीढ़ की हड्डी पर होने वाला प्रभाव काफी कष्टकारक होता है। शरीर की संरचना को ठीक बनाए रखने के साथ चलने-दौड़ने और उठने तक के लिए रीढ़ की हड्डी का मजबूत होना आवश्यक माना जाता है। रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए योग का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। रीढ़ की हड्डी के मजबूत होने से पीठ के लचीलेपन और गतिशीलता में सुधार होता है साथ ही शरीर की बेहतर मुद्रा, परिसंचरण और दर्द को कम करने में भी योगासनों का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

योग विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में कुछ तरह के योगासनों को शामिल करके न सिर्फ रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाया जा सकता है, साथ ही यह पीठ के दर्द को कम करने में भी सहायक हो सकता है। आइए ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं जिनका नियमित रूप से अभ्यास करके रीढ की हड्डी को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
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योग से रीढ़ की हड्डी को बनाएं मजबूत - फोटो : istock
कैट काऊ पोज का अभ्यास
योग विशेषज्ञों के मुताबिक कैट काऊ पोज योग के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, साथ ही गतिशीलता में भी सुधार होता है। इस मुद्रा का अभ्यास करने से आपके धड़, कंधे और गर्दन की स्ट्रेचिंग होती है, जिससे शरीर की गतिशीलता में सुधार होता है। कैट काऊ पोज योग को रक्त परिसंचरण में सुधार करने और कमर दर्द को कम करने में भी फायदेमंद माना जाता है।
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अधोमुख शवासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
अधोमुख शवासन योग
अधोमुख शवासन या डाउनवर्ड फेसिंग डाग पोज को रीढ़ को सेहतमंद रखने में काफी फायदेमंद माना जाता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से कमर दर्द और साइटिका से राहत मिलती है, साथ ही यह शरीर में असंतुलन को दूर करने में मदद करता है और ताकत में सुधार करता है। अधोमुख शवासन योग शरीर में रक्त के संचार को बढ़ावा देने में काफी लाभदायक माना जाता है।
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भुजंगासन योग से मिलता है लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन योग
भुजंगासन या कोबरा पोज योग का अभ्यास करने से रीढ़ और नितंबों को मजबूती मिलती है। यह आपकी छाती, कंधों और पेट को फैलाता है। तनाव को दूर करने में भी इस योग के अभ्यास को मददगार माना जाता है। भुजंगासन योग करने से रीढ़ को मजबूती मिलती है साथ ही लचीलेपन में सुधार होता है।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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