दिल्ली के विवेक विहार के कस्तूरबा नगर में गणतंत्र दिवस के दिन महिला के साथ हुई हैवानियत के मामले में पीड़िता के शरीर पर लगे जख्म तो भर ही जाएंगे, लेकिन जिन जख्मों ने उसकी आत्मा को घायल किया है, वह शायद जिंदगी भर नहीं भर पाएंगे। घटना के चार दिन बाद भी पीड़िता हैवानियत के उन 90 मिनट को याद कर सिहर उठती है। फिलहाल पुलिस की देखरेख में अज्ञात स्थान पर उसका इलाज चल रहा है।
महिला के पति ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसने जब पत्नी की हालत देखी तो उसकी आंखों से आंसू छलक आए।