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आज का योग: जोड़ों में दर्द-सूजन को कम करने में कारगर हैं ये अभ्यास, आर्थराइटिस रोगियों के लिए विशेष लाभदायक

Sat, 02 Apr 2022 11:06 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जोड़ों में दर्द की समस्या के लिए योग - फोटो : iStock
जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण कम उम्र में ही लोग आर्थराइटिस जैसे जोड़ों में दर्द और कठोरता की समस्या के शिकार हो जा रहे हैं। आर्थराइटिस मौजूदा समय की सामान्य समस्याओं में से एक है जिसमें कॉर्टिलेज ऊतक की सामान्य मात्रा में कमी हो जाती है। इस स्थिति के कारण हड्डियों के जोड़ विशेषकर घुटनों में तेज दर्द, सूजन और कठोरता महसूस होती रह सकती है। आर्थराइटिस की समस्या को एक दशक पहले तक उम्र बढ़ने के साथ होने वाली परेशानियों के रूप में जाना जाता था, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में 40 से कम आयु के लोग भी इस समस्या से परेशान देखे जा रहे हैं।

जोड़ों में दर्द और सूजन की स्थिति आपको चलने-उठने में भी दिक्कतों का एहसास करा सकती है, जिसके कारण लोगों के लिए दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करना भी कठिन हो सकता है। जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या से राहत पाने के लिए कम उम्र से ही दिनचर्या में योगासनों को जरूर शामिल करें। कई तरह के योगासन शरीर की सक्रियता को बढ़ाने के साथ दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ योगाभ्यासों के बारे में जानते हैं।
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वीरभद्रासन योग के क्या लाभ हैं? - फोटो : Istock
वीरभद्रासन योग का अभ्यास
हाथ, पैर और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत बनाने तथा जोड़ों की समस्याओं को कम करने के लिए वीरभद्रासन योग का अभ्यास आपके लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। जिन लोगों को गठिया या फ्रोजन शोल्डर की समस्या होती है, उनको भी इस योगाभ्यास से लक्षणों में राहत मिल सकती है। रक्त के संचार को बढ़ावा देने के साथ मांसपेशियों को आराम दिलाने के लिए इस योग का नियमित अभ्यास किया जाना चाहिए।
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ट्री पोज योग करने के लाभ - फोटो : Pixabay
वृक्षासन योग के लाभ
शारीरिक मुद्रा और समन्व्य को सुधारने के लिए वृक्षासन योग का अभ्यास करना विशेष लाभदायक हो सकता है। यह योग आपके पैरों और पीठ को मजबूत करता है। पैरों की स्ट्रेचिंग करने के साथ लिगमेंट्स और टेंडन्स को मजबूत करने में यह योगासन मदद कर सकता है। गठिया के लक्षणों से राहत दिलाने में इस योग के नियमित अभ्यास के लाभ पाए गए हैं। अपनी शरीर की स्थिति के आधार पर रोजाना इस योगासन का अभ्यास सुनिश्चिच करें।
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सेतुबंधासन योग के क्या लाभ हैं? - फोटो : Pixabay
ब्रिज पोज योग
पीठ की मांसपेशियों, छाती, गर्दन और रीढ़ की स्ट्रेचिंग के लिए ब्रिज पोज या सेतुबंधासन का अभ्यास आपके लिए विशेष लाभकारी आसन माना जाता है। पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करने के साथ ऑस्टियोपोरोसिस वाले लोगों के लिए यह अभ्यास अच्छा माना जाता है। कमर और शरीर के निचले हिस्सों में रक्त के संचार को बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए रोजाना इस योग का अभ्यास करना चाहिए। आर्थराइटिस वाले लोगों के लिए यह बेहद कारगर अभ्यास हो सकता है।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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