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धोखाधड़ी: 46 सिम... 50 हजार मोबाइल नंबर और 30 हजार ईमेल आईडी, हैरान कर देगी 'NRI दूल्हे' की हकीकत

Sat, 02 Apr 2022 11:03 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
लॉटरी निकलने से लेकर वैवाहिक वेबसाइट पर एनआरआई दूल्हा बनकर 500 से अधिक लोगों से 50 करोड़ ठगने वाले नाइजीरियन ईस्टर चर्चिल पॉल को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को नोएडा की युवती से जीवनसाथी डॉटकॉम पर दोस्ती कर खुद को यूके में डॉक्टर बताकर ठगने के मामले में पकड़ा गया है। आरोपी नौ साल से भारत में रहकर ठगी कर रहा था।

इसके पास से 46 सिम कार्ड, 50 हजार मोबाइल नंबर, 30 हजार ई-मेल आईडी मिले हैं। धोखाधड़ी में शामिल आरोपी की भारतीय मूल की पत्नी समेत गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साइबर क्राइम यूपी के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि 30 मार्च को नोएडा निवासी युवती ने शिकायत की थी कि उसकी जीवन साथी डॉटकॉम पर एक शख्स से बातचीत हुई थी। उसने खुद की पहचान यूके में चिकित्सक योगेंद्र जैन के रूप में बताई थी। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
दोस्ती होने के कुछ दिन बाद उसने भारत आने की बात कही और 50 हजार पाउंड साथ लाने की जानकारी दी। इसके बाद उसने एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा के साथ पकड़े जाने का झांसा देकर युवती से 1.07 लाख रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने जांच करने के बाद शुक्रवार को चर्चिल को गिरफ्तार कर लिया। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : एएनआई
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2013 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। इसके बाद वह वैवाहिक वेबसाइट पर शादी, दोस्ती और विदेश में नौकरी व व्यापार कराने, महंगे गिफ्ट व विदेशी मुद्रा भेजने, लॉटरी निकलने से लेकर अन्य तरह से झांसा देकर लोगों को ठग रहा था। इसके पास से 10 बैंक खाते मिले हैं जिनमें 50 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। आरोपी अब तक पांच सौ से अधिक लोगों को ठग चुका है।
 

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फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई
आरबीआई से लेकर यूनाइटेड नेशन के फर्जी कागजात बरामद
एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से भारतीय रिजर्व बैंक, सीबीआई, यूनाइटेड नेशन, ब्रिटिश मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस, यूनाइटेड नेशन ऑफ ड्रग्स, केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड, रॉयल बैक ऑफ स्विट्जरलैंड, सैमसंग लॉटरी, कोका कोला का सर्टिफिकेट अवार्ड आदि के फर्जी लेटर हेड मिले हैं। आरोपी व उसके साथी फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल कर पीड़ितों को झांसा में लेते या धमकाते थे। यह एक संगठित गिरोह है जो लगातार लोगों से पैसे ऐंठ रहा था।

 
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बरामद सामान - फोटो : एएनआई
साइबर अपराधों का एक्सपर्ट है चर्चिल
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि चर्चिल साइबर अपराध का एक्सपर्ट है। उसने इथिकल हैकिंग का कोर्स किया हुआ है। यह कोर्स चर्चिल ने नाइजीरिया में किया था और भारत में आने के बाद भी इसे अपडेट कर रहा था। इसके लिए उसने हैकिंग की किताबें रखी हुईं थीं। इस गिरोह ने ही लखनऊ विश्वविद्यालय के एक महिला प्रोफेसर से एक करोड़ सात लाख रुपये और आगरा मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर से 46 लाख रुपये ठगे थे।
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बरामद सामान - फोटो : एएनआई
30 हजार ईमेल आईडी व 50 हजार नंबर से कर रहा था ठगी
चर्चिल के लैपटॉप व मोबाइल की जांच की गई तो साइबर क्राइम थाने की टीम भी चकरा गई। उसके लैपटॉप व मोबाइल में 50 हजार लोगों के मोबाइल नंबर मिले। साथ ही, 30 हजार ईमेल आईडी व उसके पासवर्ड मिले। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ईमेल व मोबाइल नंबरों से ही वह ठगी करता था। मोबाइल नंबर उसने नौ साल में जुटाए थे। इनमें अधिकतर नंबर व ईमेल आईडी भारतीय लोगों के हैं। इनमें महिलाओं के नंबर सबसे अधिक हैं।
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