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Yoga Tips: क्या शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं योगासन? कौन से अभ्यास को फायदेमंद मानते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

Sun, 10 Jul 2022 12:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने वाले योग - फोटो : Pixabay
पुरातन काल से ही योगासनों का नियमित रूप से अभ्यास करके कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जाते रहे हैं। योग शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने के साथ कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी आपके लिए सहायक हो सकते हैं। योग के अभ्यास की आदत शारीरिक निष्क्रियता के जोखिम को कम करते हुए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल की समस्याओं के खतरे को कम करने में भी सहायक है। विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में योगाभ्यासों को शामिल करने की सलाह देते हैं। 

योग, दीर्घकालिक तौर पर शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक माने जाते हैं। कई तरह के अभ्यास की आदत को रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर संक्रमण और बढ़ती बीमारियों के जोखिम को कम करने वाला भी माना जाता है। अध्ययनकर्ता बताते हैं कि नियमित रूप से योगाभ्यास करने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा भी अन्य लोगों की तुलना में अधिक होती है। आइए जानते हैं कि किन योगासनों को दिनचर्या में शामिल करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों से सुरक्षित रहने में मदद मिल सकती है?
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इम्युनिटी बढ़ाने वाले योगासन कौन से हैं? - फोटो : Pixabay
योगासनों को लेकर विशेषज्ञों की सलाह

योग विशेषज्ञ बताते हैं,  कुछ योग मुद्राएं प्रतिरक्षा प्रणाली और शारीरिक संतुलन को बढ़ावा देने में मदद कर सकती हैं। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी सहायक हैं जिन्हें कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाला माना जाता है। यदि नियमित रूप से योग किया जाए तो यह शरीर के अंगों को स्वस्थ रखने, रक्त संचार को बढ़ावा देने, मांसपेशियों के अतिरिक्त तनाव को कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में काफी सहायक है। 
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बालासन योग करने से लाभ क्या हैं? - फोटो : iStock
बालासन योग की आदत

बालासन योग, जिसे चाइल्ड पोज के नाम से भी जाना जाता है, यह शरीर को स्वस्थ रखने में आपके लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है। पीठ के निचले हिस्से से तनाव को मुक्त करने, थकान को कम करने और मूड को बेहतर बनाए रखने के लिए इस योग के नियमित अभ्यास को काफी लाभकारी माना जाता है। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों से बचाने में सहायक अभ्यास है।

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भुजंगासन करने से क्या होता है? - फोटो : Istock
भुजंगासन का अभ्यास

भुजंगासन या कोबरा पोज आपके फेफड़ों को खोलने, रीढ़ को मजबूत करने और ऊर्जा को बढ़ावा देने में मददगार है। यह पाचन में सुधार करके पेट से संबंधित समस्याओं को कम करने में भी सहायक है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ हृदय-फेफड़ों से संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी इस अभ्यास के कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं। 
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प्राणायाम के अभ्यास से होने वाले लाभ - फोटो : Pixabay
प्राणायाम सबसे लाभकारी

प्राणायाम का अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने का सबसे कारगर तरीका हो सकता है। यह रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाकर अंगों को स्वस्थ रखने, तनाव-चिंता को दूर करने और सेहत को फिट बनाए रखने में सहायक है। प्राणायाम का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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