थायरॉइड विकारों की समस्या वैश्विक स्तर पर बढ़ती हुई रिपोर्ट की जा रही है, यह शरीर में कई प्रकार की जटिलताओं को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि थायरॉइड कुछ स्थितियों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकती है, ऐसे में इससे बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए आवश्यक है। लाइफस्टाइल और आहार में बदलाव करके थायरॉइड विकारों से बचा जा सकता है। थायरॉइड, गले में स्थित तितली के आकार की ग्रंथि होती है जो शरीर के लिए आवश्यक ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) और थायरोक्सिन (T4) जैसे हार्मोन्स का उत्पादन करती है।
अध्ययनों में पाया गया है कि थायरॉइड विकारों में शरीर का वजन बढ़ने या कम होने का दिक्कत हो सकती है, कुछ गंभीर स्थितियों में इसके कारण कोमा जैसे मामले भी विकसित होते देखे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके थायरॉइड विकारों और इसकी जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
योगासन, थायरॉइड ग्रंथि के कार्य को बेहतर करने और हार्मोन्स के स्राव को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि इसके लिए किन योगासनों के अभ्यास की आदत लाभकारी हो सकती है।