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आज का योग: मत्स्यासन योग को इन शारीरिक समस्याओं में माना जाता है बेहद कारगर, रोजाना कीजिए अभ्यास

Mon, 14 Mar 2022 12:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मत्स्यासन योग के क्या लाभ हैं? - फोटो : Pixabay
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए जिन उपायों को सबसे कारगर माना जाता है- योग उनमें से एक है। योग न केवल मानसिक शांति का बेहतर तरीका माने जाते हैं, साथ ही इनका नियमित अभ्यास कई तरह की शारीरिक समस्याओं से बचाने में भी आपके लिए सहायक हो सकता है। नियमित योगाभ्यास की आदत शरीर में ऊर्जा के संचार के बढ़ावा देने के साथ मानसिक रूप से भी आपको फिट रखने में मदद करता है। कई तरह के योगासन ऐसे हैं जिनका हम सभी को नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। मत्स्यासन योग ऐसा ही एक अभ्यास है। 

मत्स्यासन योग, ऐसा अभ्यास है जिसमें शरीर का आकार मछली की तरह करना होता है। इस योग के कई तरह के स्वास्थ्य लाभ का जिक्र मिलता है। रक्त परिसंचरण को बढ़ाने के साथ तनाव-चिंता और कई तरह की मानसिक समस्याओं के जोखिम को कम करने में इस योग के अभ्यास की आदत आपके लिए मददगार हो सकती है। कई तरह की शारिरिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के जोखिमों को कम करने में भी इस योग के अभ्यास को फायेदमंद माना जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस योग के फायदे जानते हैं।
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मत्स्यासन योग करने की विधि क्या है? - फोटो : istock
मत्स्यासन योग कैसे किया जाता है?
मत्स्यासन योग आसान है लेकिन इसमें बेहतर ढंग से अभ्यास की आवश्यकता होती है। इसके लिए किसी योग विशेषज्ञ से आसन के सही क्रम के बारे में जान लेना बेहतर माना जाता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। पैरों को पद्मासन की मुद्रा में लेकर आएं। जांघें और घुटने फर्श पर रखते हुए सांस खींचते हुए सीने को ऊपर की तरफ उठाएं। सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर ही रखें। कुछ समय तक इस स्थिति में बने रहें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। 
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मत्स्यासन योग के फायदे - फोटो : iStock
मत्स्यासन योग के क्या लाभ हैं?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक मत्स्यासन योग का नियमित अभ्यास आपके लिए कई तरह से लाभदायक हो सकता है। शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए इसके अभ्यास को कारगर माना जाता है। 
  • आपके गर्दन, गले और कंधों से अतिरिक्त तनाव को दूर करके आराम दिलाता है।
  • आपकी गर्दन और एब्डोमिनल के सामने के हिस्से को स्ट्रेच और टोन करता है।
  • पेट और गले के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे उनमें रक्त का संचार तेज होता है। 
  •  पीठ के ऊपरी हिस्से और गर्दन के पिछले हिस्से को मजबूत करता है।
  • तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है।
  • सिर में रक्त के संचार को बढ़ावा देता है जिससे कई तरह की समस्याएं दूर रहती हैं। 


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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