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कोरोना काल में घर पर रहकर बढ़ गया है तनाव, तो ये योगासन कर सकते हैं आपकी मदद

Mon, 02 Aug 2021 11:55 AM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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yoga benefits - फोटो : istock and amar ujala
डॉक्टर अमृत राज 
योगाचार्य

कोरोना वायरस की दूसरी लहर इतनी खतरनाक है कि देश के ज्यादातर राज्यों ने अपने वहां लॉकडाउन लगा रखा है, और लोगों के बेवजह घर से निकलने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में लोग अपने-अपने घरों पर रहने को मजबूर हैं। लेकिन इस दौरान देखा जा रहा है कि लोग अपने घर पर लंबे समय से रहने के कारण काफी परेशान भी हैं, और कई लोगों को तो तनाव ने भी घेर लिया है जो हमारी सेहत के लिए बिल्कुल सही नहीं है। ऐसे में आप खुद को फिट रखने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं। योग के कुछ आसन हैं, जिनकी मदद से आप अपने तनाव को दूर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन आसन के बारे में।
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पदमासन - फोटो : Amar ujala
पदमासन
  • अगर आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं और तनाव को भी अपने पास नहीं भटकने देना चाहते हैं, तो ऐसे में इसमें आपकी मदद पदमासन कर सकता है। इसे करने के लिए आपको पहले प्राणायाम मुद्रा में बैठना है, फिर कमर और गर्दन को एक सीध में रखना है और अब दोनों पैरों को बारी-बारी से बाईं और दाईं थाई पर रखना है। फिर शरीर को नॉर्मल करें और इसके बाद ज्ञानमुद्रा में लाकर अपने घटुनों पर रखें। फिर धीरे-धीरे सांस लेकर छोड़नी है।
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सूर्य नमस्कार - फोटो : Amar ujala
सूर्य नमस्कार
  • सूर्य नमस्कार को करने के लिए आपको धीरे-धीरे सांस लेते हुए सीधे पैर को पीछे की और फैलाना है। फिर सीधे पैर का घुटना जमीन से मिलना चाहिए। इसके बाद दूसरे पैर को घुटने से मोड़ते हुए हथेलियों को जमीन पर सीधा रखना है और सिर को आसमान की तरफ रखना है। इसे करने से शरीर में विटामिन-डी की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे बेचैनी और तनाव भी दूर होता है।

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सूक्ष्म आसन - फोटो : Amar ujala
सूक्ष्म आसन
  • सूक्ष्म आसन को करने के लिए आपको घुटनों की कपाली को दबाते और छोड़ते हुए आंकुचन एवं प्रसारण की क्रिया करनी है। फिर दोनों हाथों की अंगुलियों को एक-दूसरे में डालना है और घुटने के नीचे जंघा को पकड़ना है। इसके बाद पैर को मोड़ते हुए नितम्ब के पास लाकर साइक्लिंग जैसी क्रिया करते हुए पैर से सामने की तरफ से शून्य बनाना है। इसके बाद पैर से विपरीत दिशा में भी ऐसा ही करना है। इस आसन को 10 मिनट से ज्यादा करने से थकान, चिंता और तनाव को कम किया जा सकता है।
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वज्रासन - फोटो : Amar ujala
वज्रासन
  • वज्रासन करने से ये आपके पाचन में सुधार करता है और इसको नियमित रूप से करने से कब्ज जैसी समस्या भी खत्म होती है। ये मुद्रा आपके सिर, गर्दन और कंधों के तनाव को खत्म करने में मदद करती है। इससे दिमाग शांत होता है और शरीर में रक्तप्रवाह बढ़ता है। साथ ही इससे मन को शांति मिलती है। इस आसन को करने के लिए आपको कमर बिल्कुल सीधी रखनी है, फिर दोनों हाथ को बिना घुटनों पर रखें कोहनियों से मोडना है। वहीं, हथेलियां नीचे की तरफ और नजर सामने स्थिर करनी है। पांच से आंधे घंटे तक आप इसका अभ्यास कर सकते हैं।
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स्माइल - फोटो : Amar ujala
स्माइल
  • कहते हैं खुश रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। अगर आप खुश रहते हैं, तो आप कई बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं। मुस्कुराने से हमारा तनाव काफी हद तक कम हो सकता है और साथ ही हमारे शरीर और दिमाग को काफी शांति प्रदान होती है। इसलिए अगर आप तनाव से घिरे हुए हैं, तो स्माइल करना आपके लिए काफी फायेदमंद हो सकता है।

नोट: ये लेख योगी डॉक्टर अमृत राज डॉक्टर योगाचार्य से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। अमृत राज डॉक्टर योगाचार्य होने के साथ ही कई कई पुरस्कार विजेता भी हैं। आयोग्यधाम परिवार योग और आयुर्वेद की सेवाएं पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल को भी दे चुका है। यूनाइटेड नेशन, अमेरिका में, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन मसूरी में, इंडियन आर्मी, इंडियन एयर फोर्स, इंडियन नेवी और पुलिस हेडक्वार्टर दिल्ली, मुंबई में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साथ ही इसमें योग स्टूडियो, आश्रम, स्पा भी शामिल हैं, जिनमें आयुर्वेद और योग पर व्याख्यान, सेमिनार और कक्षाएं दी हैं। साथ ही वे आरोग्यधाम ग्लोबल एड्स रिसर्च फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं और तपोवन, ऋषिकेश में मां योग आश्रम के संस्थापक हैं। अमृत राज आरोग्यधाम पत्रिका के प्रोपराइटर हैं और साथ ही वे अपने माता-पिता और भाई डॉक्टर राकेश अग्रवाल, डॉक्टर नीलम अग्रवाल, डॉक्टर अर्जुन के साथ आरोग्यधाम आयुर्वेद उपचार केंद्र के निदेशक हैं। जहां वे उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड के ऋषिकेश में मरीजों का इलाज करते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की योग एवं हेल्थ कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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