फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज का योग: सभी लोगों के लिए विशेष लाभदायक है अनुलोम-विलोम का नियमित अभ्यास, जानिए इसके फायदे

Sat, 06 Nov 2021 11:35 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
अनुलोम-विलोम प्राणायाम - फोटो : iStock
शरीर को स्वस्थ और दीर्घायु बनाने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से योग और व्यायाम करने की सलाह देते हैं। योग में प्राणायाम को सेहत के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। इसमें भी अनुलोम-विलोम योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे फायदोमंद मानते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि इसके नियमित अभ्यास से श्वास और रक्त परिसंचरण को ठीक रखने सहित कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लाभ हो सकते हैं।

योग विशेषज्ञों के मुताबिक अनुलोम विलोम श्वास का अभ्यास सुरक्षित है और इसे सभी लोग कर सकते हैं। इसके नियमित अभ्यास को कई गंभीर रोगों के खतरे को कम करने में लाभदायक पाया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में अनुलोम विलोम से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
सांस वाले अभ्यास के लाभ - फोटो : Pixabay
कैसे करें यह अभ्यास
योग विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी योग से अधिकतकम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीके से अभ्यास करना आवश्यक होता है। इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले शरीर को एकदम से सीधा रखते हुए ध्यानपूर्वक में बैठ जाएं। बाएं हाथ से ज्ञान मुद्रा बनाकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से श्वास भरें। अब बाई नासिका बंद करें और दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस क्रिया को अब दूसरी नाक से दोहराएं। 
विज्ञापन

3 of 5
प्राणायाम है लाभदायक - फोटो : iStock
सांस की समस्याओं में लाभदायक
अध्ययनों के अनुसार अनुलोम विलोम का अभ्यास फेफड़ों के कार्य और सहनशक्ति में सुधार कर सकता है। साल 2019 के एक समीक्षा लेख में पाया गया कि फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए अनुलोम विलोम का अभ्यास एक प्रभावी तरीका हो सकता है। वहीं एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि दिन में 30 मिनट तक इस अभ्यास को करने से साइनस की सूजन (राइनोसिनसिसिटिस) में सुधार हो सकता है।

4 of 5
मस्तिष्क के लिए फायदेमंद योग - फोटो : iStock
मस्तिष्क की कार्यक्षमता के बढ़ाता है
96 मेडिकल छात्रों पर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि अनुलोम विलोम का अभ्यास चिंता और तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में उल्लेखनीय सुधार कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका रोजाना अभ्यास करने से मस्तिष्क की क्षमता बढ़ती है साथ ही अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हृदय होता है मजबूत - फोटो : Pixabay
हृदय रोगियों के लिए लाभदायक
साल 2011 और 2013 में किए गए अध्ययनों में पाया गया कि अनुलोम विलोम का अभ्यास रक्तचाप और हृदय गति को कम करने के साथ हृदय के कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। जिन लोगों ने तीन महीने तक अनुलोम विलोम का रोजाना अभ्यास किया उनके रक्तचाप के स्तर में विशेष सुधार देखा गया। 


--------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें