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अगर मन में है चांद पर जमीन खरीदने की इच्छा, तो एक बार घूमने जा सकते हैं मूनलैंड

Thu, 11 Feb 2021 08:21 AM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आज के मौजूदा समय में लोग धरती ही नहीं चांद पर भी जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं। यही नहीं, कुछ अमीर लोगों ने तो चांद पर जमीन खरीद भी ली है। हालांकि, साल 1967 ई में एक कानून बनाया गया था, जिसके तरह चांद पर जमीन खरीदना और बेचना गैरकानूनी है। इस पर भारत समेत कुल 104 देशों ने सहमित जताई थी। हालांकि, फिर भी लोग चांद पर जमीन खरीदना चाहते हैं। वहीं, अगर आपके मन में भी इस तरह के ख्याल हैं, तो आपको एक बार तो मूनलैंड जरूर जाना चाहिए, क्योंकि यहां की सैर करना चांद पर जाने से कम नहीं माना जाता है। तो चलिए जानते हैं इस जगह के बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, जिस मूनलैंड के बारे में हम आपको बता रहे हैं ये कहीं और नहीं बल्कि भारत में ही है। यहां हर साल काफी संख्या में लोग घूमने आते हैं, और यहां का नजारा देखकर वो हैरान रह जाते हैं। मूनलैंड कश्मीर में स्थित है, जो कि लेह से 127 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम लामायुरू गांव है, और यहां काफी संख्या में लोग घूमने आते हैं। लेकिन यहां सिर्फ घूमने का ही मजा आप नहीं उठा सकते, बल्कि यहां की एक अलग खासियत है जो लोगों को यहां खींचती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यहां लोग मूनलैंड के दीदार करने के लिए आते हैं। वहीं, हिंदी में इसे चांद की जमीन कहा जाता है। लामायुरू गांव 3510 मीटर की ऊंचार पर स्थित है। आपने कई बार ये सुना होगा कि चांद की जमीन बिल्कुल अलग है। ठीक ऐसा ही यहां भी है, जिसकी वजह से इस जगह को मूनलैंड कहा जाता है। इस गांव में सैलनियों की संख्या हर साल ही बढ़ती है और वो भी सिर्फ इस मूनलैंड को देखने के लिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर पहले एक झील थी, लेकिन फिर बाद में ये सूख गई। लेकिन यहां कि खासियत ये है कि ये झील तो सूख गई, लेकिन यहां की मिट्टी जो कि पीली और सफेद रंग की दिखती है। साथ ही ये मिट्टी बिल्कुल चांद की जमीन की तरह दिखती है, जिसे देखने के लिए यहां लोग दूर-दराज से पहुंचते हैं। वैसे तो इस जगह को दिन में भी देखने का अलग मजा है, लेकिन इस जगह को देखने का रात में ज्यादा आनंद आप ले सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वहीं, अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप पूर्णिमा की रात को यहां जा सकते हैं, क्योंकि चांद की रोशनी पूर्णिमा की रात को इस धरती पर पड़ती है, जिसके कारण ये मिट्टी चांद जैसी चमकती है और देखने पर ये बिल्कलु चांद की जमीन की तरह दिखती है। इसके अलावा इस लामायुरू गांव में एक मठ भी है, जो आर्कषण का केंद्र है। इसे भी देखने यहां लोग पहुंचते हैं।
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