फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Teachers Day 2019: भारत के वो पांच राजनीतिक गुरु, जिनके शिष्यों ने बदल दी राजनीति की तस्वीर

Thu, 05 Sep 2019 07:34 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। ये दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन् के जन्मदिवस की याद में मनाया जाता है। लेकिन आज हम शिक्षा क्षेत्र के नहीं बल्कि राजनीति की दुनिया के कुछ ऐसे शिक्षकों से रूबरू कराने जा रहें हैं जिनके शिष्यों ने राजनीति के दुनिया में बहुत नाम कमाया। तो जानिए उन दिग्गज नेताओं के बारे में...
 
विज्ञापन

2 of 6
जय प्रकाश नारायण
जय प्रकाश नारायण, जिन्हें लोग आमतौर पर जेपी के नाम से जानते हैं। जेपी की पहचान भारतीय राजनीति में एक ऐसे बुजुर्ग नेता के रूप में है जिन्होंने भारतीय राजनीति की में अहम योगदान दिया। जेपी के संपूर्ण क्रांति के आंदोलन से नेताओं की ऐसी फौज निकली जो आज भी काफी हद तक देश की राजनीति को प्रभावित करती है। जेपी के आंदोलन से ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, मुख्तार अब्बास नकवी और मुलायम सिंह जैसे दिग्गज नेता निकले।
विज्ञापन

3 of 6
राम मनोहर लोहिया
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रखर समाजवादी चिंतक राममनोहर लोहिया ने भारत की राजनीति को गैर कांग्रेसवाद की नई सोच दी। लोहिया ने खुद राजनीति में कभी किसी बड़े पद की चाह नहीं की लेकिन उनके सिखाए शिष्यों ने जरूर राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल किया। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह उनके बड़े शिष्य माने जाते हैं। इसके अलावा भी राजनीति में लोहिया के कई और शिष्य आज स्थापित मुकाम पा चुके हैं।

4 of 6
एमजी रामचंद्रन
एमजी रामचंद्रन यानि मरूथुर गोपालन रामचंद्रन दक्षिण भारत की राजनीति में एक बड़ा नाम रहे हैं। एक बार फिल्मों को छोड़कर रामचंद्रन राजनीति में आए तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने खुद की पार्टी AIADMK की स्थापना की। इसके बाद वह अपनी शिष्या और प्रसिद्ध अभिनेत्री रह चुकी जे जयललिता को राजनीति में लेकर आए। बाद में रामचंद्रन के नक्शेकदम पर चलकर ही जयललिता ने दशकों तक तमिलनाडु की राजनीति पर राज किया।
विज्ञापन

5 of 6
चंद्रास्वामी
चंद्रास्वामी का वैसे तो राजनीति से कभी सीधा वास्ता नहीं रहा लेकिन अपने शिष्य के चलते एक दौर में वह देश की राजनीति में सबसे जाना पहचाना नाम बन गए थे। ये शिष्य थे पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव। चंद्रास्वामी को नरसिम्हा राव का राजनीतिक गुरु कहा जाता है। माना जाता है एक दौर में नरसिम्हा राव बिना चंद्रास्वामी से पूछे कोई फैसला नहीं लिया करते थे। नरसिम्हा राव के अलावा कई और बड़े नेता भी चंद्रास्वामी के शिष्य रहे चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अन्ना हजारे 
प्रसिद्ध गांधीवादी अन्ना हजारे हमेशा राजनीति से दूर रहे लेकिन ये विडंबना ही कही जाएगी कि उनके आंदोलनों में सबसे आगे रहे उनके शिष्य आज देश की राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल कर चुके हैं। चाहे वो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हों या मनीष सिसौदिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सैन्य जनरल वीके सिंह भी अन्ना हजारे के शिष्य रह चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें