उन्हें मारे नहीं
अगर बच्चे के रोने, चिल्लाने पर आप उसे मारते हैं तो बच्चों के अदर गुस्सा आना जाहिर सी बात है। लगातार मारने-पीटने पर बच्चों के अंदर गुस्सा घर कर जाता है। जो धीरे-धीरे चिड़चिड़ेपन में बदल जाता है। इसलिए बच्चों को कभी मारे नहीं। अगर बच्चा परेशा कर रहा है तो उसकी बात सुनें और उनी परेशानी दूर करने की कोशिश करें।