Relationship
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स्पष्ट और ईमानदार संवाद
मनोवैज्ञानिक सीमा रहमान कहती हैं, पति-पत्नी का संबध हंसी-मजाक, नोक-झोंक और एक-दूसरे को समझने-समझाने का है। मगर इस रिश्ते में अक्सर हम बहुत-सी बातें, जो मन में चल रही होती हैं, जिनको हम कह नहीं पाते है, उनको मजाक में बोल देते हैं। वहीं अगर सामने वाले को बुरा लग जाता है तो कह देते हैं, “अरे मैं तो मजाक कर रहा था या कर रही थी।” लेकिन किसी भी रिश्ते में संवाद जितना स्पष्ट और ईमानदारी भरा होगा, वह रिश्ता उतना ही बेहतर रहेगा। इसलिए जो बातें आपको परेशान करती हैं, उन पर स्पष्ट बातचीत कीजिए, लेकिन घुमा-फिराकर या हंसी-मजाक का परदा डालकर बात मत कीजिए। आप दोनों के इस प्यार भरे बंधन में हंसी-मजाक रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए होना चाहिए, बातों या भावनाओं पर पर्दा डालने के लिए नहीं।