हर किसी के अपनी शादी को लेकर और शादी के बाद वाले जीवन को प्यार से बिताने के अपने सपने होते हैं। लेकिन ये सपने सभी के पूरे हो जाएं, ऐसा जरूरी नहीं क्योंकि कई लोगों के साथ देखा जाता है कि शादी के बाद किसी बीमारी या किसी अन्य वजह से उनका पार्टनर इस दुनिया को अलविदा कह देता है। ऐसे में जब किसी महिला के पति का निधन हो जाता है, तो उसके हाथ दुख और निराशा लगती है। जो सपने महिला ने शादी से पहले अपनी आने वाली जिंदगी के लिए देखे होते हैं, वो सब टूट जाते हैं। यही नहीं, आज भी हमारा समाज विधावाओं को उस नजर से नहीं देखता है, जिसकी वो असल में हकदार हैं। ऐसे में इस समाज की जिम्मेदारी बनती है कि विधवाओं को भी बाकी लोगों की तरह दर्जा मिले। ऐसे में इन्हीं महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए हर साल 23 जून को अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस मनाया जाता है।