भारतीय वायु सेना ने अपनी सेवा में शामिल किया
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त्रिशूल मिसाइल भारतीय सेना में हुई शामिल
11 मई, 1998 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने त्रिशूल मिसाइल का आखिरी टेस्ट-फायर को पूरा करके उसे भारतीय वायु सेना ने अपनी सेवा में शामिल किया। सतह से हवा में वार करने वाली, शीघ्र प्रतिक्रिया देने वाली, लघु-सीमा की मिसाइल त्रिशूल भारत के समन्वित गाइडेड मिसाइल विकास कार्यक्रम की एक इकाई थी जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी, आकाश और अग्नि मिसाइल प्रणाली का भी गठन हुआ है।