फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Krishna Janmashtami 2024: जन्माष्टमी के मौके पर कम जगह में घर पर सजानी है झांकी तो अपनाएं ये तरीके

Mon, 26 Aug 2024 08:56 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

घर के मंदिर को भगवान कृष्ण की जन्म स्थली और बचपन के घर की तरह सजाया जाता है, जिसे झांकी कहते हैं। जन्माष्टमी की झांकी में मथुरा की जेल या गोकुल की गलियां दर्शाई जाती हैं।
विज्ञापन
1 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी - फोटो : instagram
Krishna Janmashtami Jhanki Decoration Ideas: 26 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का मथुरा में जन्म हुआ था। कृष्ण का संपूर्ण जीवन आपको सही मार्ग पर चलने की राह दिखाता है और कई सीख देता है। उनके जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए हर साल जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस मौके पर घर को सजाया जाता है। कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया जाता है। साथ ही में घर के मंदिर को भगवान कृष्ण की जन्म स्थली और बचपन के घर की तरह सजाया जाता है, जिसे झांकी कहते हैं। जन्माष्टमी की झांकी में मथुरा की जेल या गोकुल की गलियां दर्शाई जाती हैं। इसके अलावा उनकी गाय, माखन, शेषनाग के फन पर मुरली बजाते या गोवर्धन पर्वत अपनी उंगली पर उठाए दृश्यों को सजाया जाता है। अगर आप भी घर पर जन्माष्टमी की शानदार झांकी बना रहे हैं, तो कुछ तरीकों को अपना सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
जन्माष्टमी पर झांकी सजाने का तरीका - फोटो : Instagram
कान्हा का आसान या झूला सजाएं

जन्माष्टमी की झांकी में कान्हा की मनमोहक लीलाएं दिखाई जाती हैं। ऐसे में जहां भी बाल गोपाल का आसन या झूला सजाएं., उसके पास में उनकी गाय, ग्वाल बाल आदि सजा सकते हैं। बाजार में मिट्टी या प्लास्टिक के जन्माष्टमी स्पेशल खिलौने मिल जाएंगे।

विज्ञापन

3 of 4
कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी - फोटो : instagram
मटकी और माखन

मंदिर में छोटी सी मटकी रखें या सजाएं, जिसमें माखन रख सकते हैं। कान्हा का माखन पसंद है, तो झांकी में माखन की मटकी सजाना आसान और रोचक तरीका हो सकता है।
विज्ञापन

4 of 4
जन्माष्टमी पर झांकी सजाने का तरीका - फोटो : Instagram
हरियाली दर्शाए

गोकुल वृंदावन के जंगलों में कान्हा अपने ग्वाल बाल संग गायों और बकरियों को चराने के लिए ले जाया करते थे। उस हरियाली और प्राकृतिक नजारों के बीच अपने बाल गोपाल का जन्म कराएं। मंदिर के आसपास छोटे-छोटे गमलों में पौधे सजाएं। फूलों की लड़ियों से मंदिर की सजावट करें। हरी भरी पृष्ठभूमि में जन्माष्टमी की झांकी अधिक आकर्षक दिखेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें