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ज्ञान की बात: आपका बच्चा भी जाता है स्कूल तो जान लीजिए LKG और UKG की फुल फॉर्म, काम आएगा

Wed, 29 Sep 2021 02:10 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत एलकेजी (LKG) और यूकेजी (UKG) से होती है। इस क्लास में तीन-चार साल के बच्चों को पढ़ाया जाता है या यूं कहें कि पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है। दरअसल, बच्चे जब छोटे होते हैं तो उनका मन ज्यादातर खेलने-कूदने में ही लगा रहता है, लेकिन इसके साथ-साथ उनके लिए पढ़ाई भी जरूरी होती है, क्योंकि जब तक बेस (आधार) नहीं बनेगा, बच्चों को आगे की पढ़ाई में दिक्कत होगी। इसको इस तरह भी समझ सकते हैं कि आपने घर बनवाया है और नींव मजबूत नहीं दी है, तो ऐसे में जाहिर है कि आपका घर कमजोर होगा, जिसके गिर जाने की संभावना हर वक्त बनी रहेगी, लेकिन अगर नींव मजबूत होगी तो वह घर सालों-साल वैसे ही टिका रहेगा। इसीलिए एलकेजी और यूकेजी के जरिये बच्चों की पढ़ाई की नींव बनाई जाती है, ताकि वे दुनिया के साथ-साथ चल सकें और आगे अपना एक सुनहरा भविष्य बना सकें। आपके भी बच्चे इन क्लास में पढ़ते होंगे या पढ़े होंगे, लेकिन क्या आपको ये पता है कि एलकेजी-यूकेजी का फुल फॉर्म क्या होता है? नहीं ना, तो चलिए हम आपको बताते हैं इसके बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, जिस क्लास में बच्चे पेंसिल पकड़ना सीखते हैं, उन्हें लाइन खींचना सिखाया जाता है, उस क्लास को एलकेजी (LKG) कहा जाता है। LKG का फुल फॉर्म होता है Lower Kindergarten। इस क्लास में तीन से चार साल के बच्चे पढ़ते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
वहीं, यूकेजी (UKG) का फुल फॉर्म Upper Kindergarten होता है। यूकेजी में चार से पांच साल के बच्चों को पढ़ाया जाता है। दरअसल, जब बच्चे एलकेजी में सभी चीजें सीख लेते हैं तो उसके बाद उन्हें यूकेजी में प्रवेश दिया जाता है, यानी एक साल एलकेजी में पढ़ाई करने के बाद। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इसके बाद बच्चों को यूकेजी (UKG) में एक साल पढ़ाई करनी पड़ती है, तब जाकर उनका एडमिशन पहली क्लास में होता है। एलकेजी-यूकेजी के बारे में अगर बात करें तो यहीं शिक्षा के वो प्राथमिक चरण होते हैं, जहां बच्चों को कई बुनियादी पूर्वस्कूली गतिविधियों से अवगत कराया जाता है। इसमें बच्चे खुद से भोजन करना, कपड़े पहनना, स्वच्छता बनाए रखना और अन्य बुनियादी गुणों को अच्छी तरह से सीखते हैं।
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