क...क...किरन। डर फिल्म में बोला गया शाहरुख का ये डायलॉग तो सबको याद होगा। शाहरुख का हकलाना ट्रेंड बन गया था। लेकिन रियल दुनिया की हकीकत रील दुनिया से बेहद अलग होती है। घर हो या दफ्तर। हकलाने की आदत की वजह से हमें ताने सुनने पड़ते हैं। कई मौके इस आदत की वजह से हमसे छूट जाते हैं। ये घेरलू नुस्खे आपकी आवाज को बना देंगे धारदार।
विज्ञापन
2 of 6
आंवला
आंवला
रोज एक चम्मच आंवले का पाउडर को गाये के घी के साथ मिलाकर खाएं। इस उपाय को लगातार दो महीने तक करें। असर दिखने लगेगा। कोशिश करें कि घी गाय का अगर न मिले तब कोई और घी इस्तेमाल कर सकते हैं।
विज्ञापन
3 of 6
बादाम
बादाम और मक्खन
रात में छह बादाम भिगोकर उसे सुबह पीस लें। इस पेस्ट को मक्खन के साथ मिलाकर रोज लेने से तीन महीने के भीतर आपकी आवाज में आने वाली रुकावट घटने लगेगी।
4 of 6
मिश्री
मिश्री, बादाम और कालीमिर्च
थोड़ी मिश्री, 8-10 बादाम और इतनी ही काली मिर्च लेकर एक साथ पीस लें। इस पिसे हुए पाउडर को पानी के साथ रोज एक चम्मच लेने से अटक-अटककर बोलने धीरे धीरे कम होने लगता है।
विज्ञापन
5 of 6
ब्राह्मी
ब्राह्मी तेल
सिर पर ब्राह्मी तेल से हफ्ते में दो बार मालिश करने से हकलाने की आदत तेजी से कम होती है। ब्राह्मी तेल तो वैसे भी एक तीर से कई निशाने लगाने वाली औषधि है। इससे नींद न आने की समस्या और नर्वस सिस्टम की कमजोरी खत्म भी खत्म होती है।
हकलाने और तुतलाने के लिए मनोवैज्ञानिक ये थेरेपी देते हैं। मगर, इसे घर में भी आसानी से लिया जा सकता है।
औषधीय उपचार लेते रहें। साथ ही अपने बोलने की रफ्तार और अटकने की फ्रीक्वेंसी पर भी ध्यान दें। ये भी ध्यान दें कि किन शब्दों में और किस वक्त आप ज्यादा अटकते हैं।
इन शब्दों को अपनी डायरी में लिख लें। इन शब्दों के लिए उतना ही कांसस रहें जितना कोई ड्राईवर गाड़ी चलाते वक्त आगे आने वाले मोड़ या ब्रेकर के लिए होता है। जब भी इन शब्दों को बोलें आराम से बोलें।
अखबार या किताब को जोर-जोर से बोलकर पढ़ें। शीशे के सामने रोज 10 मिनट खड़े होकर बोलने का अभ्यास करें।