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150वीं गांधी जयंती: चीनी खाने से परहेज करते थे गांधी लेकिन इस फल के थे मुरीद

Wed, 02 Oct 2019 06:31 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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महात्मा गांधी
2 अक्टूबर 2019 यानि कि आज पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का जश्न मना रहा है। 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में पैदा हुए मोहनदास करमचंद गांधी को पूरी दुनिया अहिंसा के पुजारी के रूप में पूजती है। भारत की आजादी में महात्मा गांधी के अतुल्य योगदान पर हर भारतीय को गर्व है। महात्मा गांधी अपने सादा-जीवन और उच्च विचारों के चलते प्यार से भारतीयों के बापू बन गए। महात्मा गांधी ने ही विश्व को सत्य की शक्ति से परिचय करवाया। गांधी के सत्याग्रह की ही बदौलत अंग्रेज भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए। गांधी जी शाकाहारी थे और अपने जीवन के एक वक्त में उन्होंने चाय और कॉफी तक का त्याग कर दिया था। खान-पान के साथ गांधी जी ने जितने प्रयोग किए शायद ही दुनिया के किसी शख्स ने आहार के साथ इतने और ऐसे प्रयोग किए होंगे। क्या आपको पता है कि चीनी से परहेज करने वाले गांधी जी को एक फल बहुत पसंद था। 
 
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Mahatma Gandhi - फोटो : Mahatma Gandhi
गांधी जी ने आजादी मिलने से पहले कई उपवास रखे। आजादी के लिए संघर्ष के दौरान महात्मा गांधी ने 17 बार उपवास रखा और उनका सबसे लंबा उपवास 21 दिन का था। महात्मा गांधी ने 1913 से लेकर 1948 यानी की आजादी मिलने के बाद भी उपवास रखा। अहिंसा के इस पुजारी ने खानपान के साथ जिनते प्रयोग किए शायद ही इतिहास में किसी महापुरुष ने फूड के साथ इतने प्रयोग किए हों!
 
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Mahatma Gandhi - फोटो : Mahatma Gandhi
महात्मा गांधी का मानना था कि जिस तरह से जिंदा रहने के लिए हमें हवा और पानी की जरूरत पड़ती है उसी तरह से शरीर को भी पौष्टिक तत्वों की जरूरत होती है। ये ही वजह थी कि वह खानपान को विशेष महत्व देते थे। महात्मा गांधी का जन्म शाकाहारी परिवार में हुआ लेकिन लेखक हेनरी स्टीफंस सॉल्ट का उनके शाकाहार प्रयोग पर विशेष प्रभाव था। सॉल्ट के प्रभाव से ही महात्मा गांधी ने अपनी मर्जी से शाकाहारी भोजन चुना। 
 
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आम - फोटो : अमर उजाला
गांधी जी को आम बहुत पसंद थे। कहा जाता है कि गांधी जी आमों के प्रति अपनी तृष्णा पर संयम नहीं रख पाते थे। कई पत्रों में खुद गांधी जी ने इस अतिरेक के लिए अफसोस जताया है। जहां गांधी जी चीनी के सेवन से परहेज करते थे वहीं आम उनका पसंदीदा फल था। 1941 में गांधी जी ने लिखा- आम  एक शापित फल है।  यह फल सारे फलों में अपनी तरफ सबसे ज्यादा ध्यान खिंचता है। 
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