दाल चावल एक ऐसा खाना है, जो घरों पर लगभग हफ्ते में चार से पांच दिन जरूर बनता है। हालांकि देश में दाल बनाने की भी अलग अलग विधि और वैरायटी है। सभी प्रदेशों में लोग अपने अपने तरीके से दाल बनाते है हालंकि रूटीन में लगातार एक जैसी दाल और चावल रोजाना बनने से लोग इससे बोर हो जाते हैं। बड़े बुजुर्ग तो फिर भी रोजाना एक जैसा दाल चावल मन या बेमन किसी भी तरह से खा लेते हैं, लेकिन आज कल के बच्चे दाल-चावल का नाम सुन का ही नाक मुंह बनाना शुरू कर देते हैं। अब इसमें उनकी भी क्या गलती, रोजाना एक जैसा कहाँ किसे अच्छा लगता है। अब हम दाल चावल बनाना बंद तो नहीं कर सकते लेकिन अलग अलग तरह से दाल बना कर खाने का स्वाद बदला और बढ़ाया भी तो जा सकता है। अगर आपको लग रहा है कि दाल चावल को अलग तरीके से बनाने में समय लगेगा तो यकीन मानिए ऐसा कुछ भी नहीं होगा। अगर आपको लगभग रोजाना दाल चावल बनाना है तो पांच मिनट की ट्रिक से आप खाने के टेस्ट में बदलाव ला सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं रूटीन के दाल चावल के स्वाद में कैसे लाएं बदलाव।