श्रावण मास हर तरफ से खुशियां प्रवाहित करने का मास होता है, एक तरफ जहां मौसम का मिजाज खुशनुमा होता है तो वहीं पर त्योहारों का सिलसिला भी शुरू होता है। श्रावण के प्रारंभ के साथ ही शिव जी की आराधना हेतु कांवड़ यात्रा आरंभ हो जाती है और फिर इसके बाद त्योहारों का सीज़न शुरु हो जाता है। इसी क्रम में आने वाले त्यौहार हैं कृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली आदि।