कोरोना संक्रमण से मुकाबले के लिए भारत अपनी शक्ति में लगातार इजाफा करने की कोशिशों में लगा हुआ है। इसी क्रम में देश की छठवीं वैक्सीन जायकोब-डी को भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (डीसीजीआई) से आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल चुकी है। देश में इससे पहले पांच वैक्सीनों को आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी थी, इसमें दो स्वदेशी वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के साथ रूस की स्पूतनिक-वी, अमेरिका की माडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन शामिल है। तमाम अध्ययनों में जायकोब-डी को भारत के लिए काफी खास वैक्सीन माना जा रहा है।
जायकोब-डी दुनिया की पहली डीएनए आधारित कोरोना की वैक्सीन है। देश की तीसरी स्वदेशी वैक्सीन ज़ायकोब-डी, अहमदाबाद स्थित फार्मास्युटिकल प्रमुख कंपनी जायडस कैडिला द्वारा विकसित की गई है। भारत के लिहाजे से इस वैक्सीन को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह देश की पहली वैक्सीन है, जिसे 12-18 आयु वर्ग के लोगों के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। आइए आगे की स्लाइडों में ज़ायकोब-डी वैक्सीन सी जुड़ी खास बातों को जानते हैं।