Medically Reviewed by-
डॉ मनीष सक्सेना
(पल्मोनोलॉजिस्ट)
मुंबई
कोरोना के इस दौर में लोगों को तमाम तरह की श्वसन संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। कई संक्रमितों में निमोनिया की समस्या भी देखी गई, जिसके कारण कोविड-19 के गंभीर रूप लेने का खतरा बढ़ जाता है। दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की मौत इस श्वसन संक्रमण के कारण हो जाती है। साल 2019 में 6,72,000 बच्चों सहित करीब 2.5 मिलियन (25 लाख) लोगों की निमोनिया के कारण मौत हो गई। कोविड के इस दौर में निमोनिया के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है। दुनियाभर में लोगों को निमोनिया के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 12 नवंबर को 'वर्ल्ड निमोनिया डे' मनाया जाता है।
निमोनिया, वायरस या बैक्टीरिया के कारण होने वाला श्वसन संक्रमण है, जिसके कारण एक या दोनों फेफड़ों के एयरसैक्स में सूजन आ जाती है। हवा की थैली तरल पदार्थ से भर जाती है, जिससे कफ या मवाद के साथ खांसी आने, बुखार, ठंड लगने और सांस लेने में कठिनाई की समस्या हो सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में निमोनिया के बारे में विस्तार से जानते हैं।