पिछले दो साल के रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि कोरोना महामारी के बाद से वैश्विक स्तर पर हृदय रोगों, विशेषतौर हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। 40 से कम आयु के कई लोग, अभिनेताओं की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। डॉक्टर कहते हैं, हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामलों के लिए लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता रहा है, सभी लोगों को हृदय स्वास्थ्य के जोखिम कारकों से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भारत में हार्ट अटैक के शिकार लगभग 28 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है, हालांकि अगर समय रहते कुछ सावधानियां बरती जाएं तो रोगी की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर ऐसी ही एक जान बचाने वाली प्रक्रिया मानी जाती है, जिसको अगर हार्ट अटैक के बाद समय रहते प्रयोग में लाया जाए तो मृत्यु के खतरे को कम किया जा सकता है।
आइए जानते हैं कि ये सीपीआर क्या है और हार्ट अटैक की स्थिति में इसके क्या लाभ हो सकते हैं?