डायबिटीज वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य समस्या रही है। साल-दर साल डायबिटीज के रोगियों की संख्या में बड़ा उछाल भी देखा जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह अब बढ़ती उम्र के साथ होने वाली समस्या नहीं रही है, युवा और यहां तक कि बच्चे भी इस रोग के शिकार हो रहे हैं। सभी लोगों को डायबिटीज से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।
डायबिटीज के बढ़ते जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य के साथ हर साल
14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है।
लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को डायबिटीज रोग के प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाता रहा है, इस बीच
हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण भी टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ रहा है। भारत में अपनी तरह के पहले अध्ययन में पाया गया है कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से टाइप 2 मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। जिस तरह से हर साल हम प्रदूषण के नए स्तर का सामना कर रहे हैं, ये डायबिटीज को लेकर भी चिंता बढ़ाने वाली स्थिति है।