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World Arthritis Day: लाइफस्टाइल में ये छोटे-छोटे बदलाव आपको आर्थराइटिस से रख सकते हैं सुरक्षित, करें ये काम

Sat, 12 Oct 2024 05:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ल्ड आर्थराइटिस डे 2024 - फोटो : Freepik.com
आर्थराइटिस (गठिया) जोड़ों को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है जिसका खतरा बढ़ता ही जा रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि कम उम्र, यहां तक कि 30 की आयु से पहले भी लोग गठिया रोग का शिकार हो रहे हैं। साल 2020 में 595 मिलियन (59.5 करोड़) लोग ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थे, जो साल 1990 के डेटा से करीब 132% अधिक है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि 2050 तक ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों की संख्या लगभग 1 बिलियन (100 करोड़) तक हो सकती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दुनियाभर में जिस तरह से जोड़ों की ये समस्या बढ़ती जा रही है, इसके खतरे को देखते हुए सभी लोगों को कम उम्र से ही बचाव के उपाय शुरू कर देने चाहिए। आर्थराइटिस का असर जीवन की गुणवत्ता पर भी होता है, इसमें आपके लिए दिनचर्या के सामान्य कार्यों को करना तक कठिन हो सकता है। 

वैश्विक स्तर पर बढ़ती इस समस्या को लेकर लोगों को शिक्षित और जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 12 अक्तूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस (World Arthritis Day) मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही अगर लाइफस्टाइल में कुछ सुधार कर लिया जाएं तो भविष्य में इस रोग से बचाव किया जा सकता है।
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जोड़ों-हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
आर्थराइटिस से बचाव के लिए बदलें लाइफस्टाइल

हड्डी रोग विशेषज्ञ बताते हैं, आर्थराइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें जोड़ों में सूजन और दर्द बना रहता है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ आम हो जाती है, लेकिन आजकल युवाओं में भी यह देखने को मिल रही है। इसे रोकने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

व्यायाम, शारीरिक सक्रियता, आहार में सुधार जैसे छोटे-छोटे बदलाव आपको आर्थराइटिस से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप किन उपायों को अपनाकर आर्थराइटिस के खतरे को कम कर सकते हैं?
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वजन कम करें - फोटो : Freeoik.com
वजन को कंट्रोल रखना सबसे जरूरी

अध्ययनों में आर्थराइटिस की बढ़ती समस्या के लिए बढ़ते वजन को प्रमुख कारण माना गया है। वजन अधिक होने से सभी जोड़ों जैसे घुटने, कूल्हों और रीढ़ पर अधिक दबाव पड़ता है, ये गठिया की समस्या को बढ़ावा देने वाली स्थिति है। इसलिए कम उम्र से ही वजन को कंट्रोल में रखना जरूरी है।

व्यायाम और संतुलित आहार इसमें आपके लिए मददगार माने जाते हैं। संतुलित आहार का सेवन जैसे फाइबर, विटामिन, और खनिजों से भरपूर चीजें खाने और शारीरिक गतिविधि-योग आदि से वजन को कंट्रोल रखना आसान हो जाता है।

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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
खान-पान हो सही

स्वस्थ और पौष्टिक आहार न केवल आपके वजन को नियंत्रित रखने में सहायक है, बल्कि हड्डियों-जोड़ों की सेहत के लिए भी महत्वपूर्ण है। एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट वाली चीजों का सेवन जरूर करें। ताजे फल, सब्जियां, और साबुत अनाज को अपने आहार में शामिल करें। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें जोड़ों की समस्याओं को कम करने और संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में मददगार हैं। 
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ज्यादा बैठने के नुकसान - फोटो : freepik.com
ज्यादा देर बैठे रहने से बचें

लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोगों में गठिया सहित कई अन्य समस्याओं का खतरा अधिक देखा जाता है। ये शारीरिक निष्क्रियता को भी बढ़ा देती है जिससे वजन बढ़ने और जोड़ों की समस्याओं का खतरा अधिक होता है। इसी तरह गलत मुद्रा में बैठने और सोने से रीढ़ की हड्डी और अन्य जोड़ों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे आर्थराइटिस हो सकता है। बैठते समय पीठ को सीधा रखें और  पैरों को जमीन या किसी सपोर्ट पर आराम से टिकाएं।
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तंबाकू, धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
धूम्रपान से बनाएं दूरी

धूम्रपान और शराब इन दो आदतों का संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर देखा जाता है, इससे आर्थराइटिस का भी खतरा हो सकता है। अध्ययनों में धूम्रपान की आदत को रूमेटाइड अर्थराइटिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक पाया गया है। धूम्रपान के कारण आपके शरीर में सूजन को बढ़ाने वाले साइटोकिन्स बढ़ने लगते हैं। इस एक आदत को छोड़कर आप कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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