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विशेषज्ञों से जानिए: जिम में पसीना बहाने वाले बॉलीवुड स्टार्स-सेलिब्रिटी क्यों हो रहे हैं गंभीर बीमारियों के शिकार?

Thu, 02 Sep 2021 07:19 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत - फोटो : Social Media
व्यायाम को अच्छे स्वास्थ्य का मानक माना जाता रहा है। पर हाल के वर्षों में देखा गया है कि फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट रहने वाले बॉलीवुड स्टार्स और सेलिब्रिटी भी तमाम तरह की गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। 40 साल की उम्र में अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की मौत इसका एक हालिया उदाहरण है। सिद्धार्थ शुक्ला अपनी फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट रहने वाले कलाकारों में से एक थे, जिनका हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम में पसीना बहाने वाले बॉलीवुड अभिनेता और सेलिब्रिटी बीमारियों के शिकार क्यों हो जा रहे हैं?
दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई सिद्धार्थ शुक्ला की मौत सभी लोगों को चौंका देने वाली है। हालांकि अगर पिछले कुछ वर्षों की बात करें तो कई फिटनेस फ्रीक अभिनेता और सेलिब्रिटी हृदय रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो चुके हैं। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।
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गंभीर रोगों के कारण कई अभिनेताओं की हो चुकी है मौत - फोटो : Amarujala
कई सेलिब्रिटीज हो चुके हैं गंभीर रोगों के शिकार
सिद्धार्थ शुक्ला की मौत चौंकाने वाली है, हालांकि इससे पहले भी कई अभिनेताओं को गंभीर बीमारियां हो चुकी हैं। ऋषि कपूर और इरफान खान जैसे अभिनेता कैंसर की चपेट में आने के बाद दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, जबकि पिछले साल बहुत ही कम उम्र में सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो चुकी है। कई रिपोर्टस में दावा किया जाता रहा है कि सुशांत, गंभीर डिप्रेशन के शिकार थे, हालांकि उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को भी दिल का दौरा पड़ चुका है।

 
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तनाव की समस्या है गंभीर (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
फिटनेस फ्रीक रहने वाले सेलिब्रिटी आखिर इतनी गंभीर बीमारियों की चपेट में क्यों आ जाते हैं, इस विषय को समझने के लिए हमने मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी से बातचीत की। 
डॉ सत्यकांत बताते हैं, फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोगों में भी हृदयाघात जैसी समस्याओं के कई कारण हो सकते हैं। संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सिर्फ शारीरिक रूप से फिट रहना ही काफी नहीं है, आपको खुद को मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने की आवश्यकता है। आमतौर पर अभिनेता और सेलिब्रिटी काम के दबाव के कारण नींद कम ले पाते हैं, रात-रात भर जागकर उन्हें अपने प्रोजेक्ट पूरे करने होते हैं, ऊपर से कई अन्य तरह के तनाव से भी अक्सर आप उन्हें घिरा देख सकते हैं। नींद की समस्या और तनाव, यह दोनों स्थितियां सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। इन्हें कम उम्र में हृदयघात के मुख्य कारकों के रूप में देखा जा सकता है।
 

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बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
क्यों बढ़ता जा रहा है हृदय रोगों को खतरा?
अमर उजाला से बातचीत में वाराणसी के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सचान बताते हैं,  कुछ साल पहले तक हृदय रोगों को आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों के रूप में जाना जाता था, हालांकि हाल के वर्षों में कम उम्र वाले लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। इसमें वह बॉलीवुड अभिनेता और सेलिब्रिटी भी शामिल हैं जिन्हें अपनी अच्छी लुक के लिए फिटनेस फ्रीक हो जाना पड़ता है। जीवनशैली की खराब आदतें और शराब-धूम्रपान को इसका प्रमुख कारण माना जा सकता है। शराब-धूम्रपान हृदय के स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं। इसके अलावा जीवनशैली का व्यवस्थित न होना, नींद पूरी न करना और खान-पान में कोलेस्ट्रॉल वाली चीजों का अधिक होना, हृदय रोगों का खतरा बढ़ा देती हैं। 
 
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नुकसानदायक है बहुत अधिक व्यायाम (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
बहुत ज्यादा व्यायाम भी है नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि वह जिम या व्यायाम के लिए जितना ज्यादा समय निकालेंगे वह उतना ही फिट रहेगें, पर यह धारणा सही नहीं है। बहुत अधिक व्यायाम भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर क्रिस्टोफ स्टेलिंग कहते हैं जिम में एक नियत समय से ज्यादा देर तक व्यायाम करते रहने का सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। व्यायाम के दौरान अक्सर ब्लड प्रेशर अधिक होता है, लंबे समय तक ऐसी स्थिति हृदय रोगों का कारण बन सकती है। इसके अलावा बहुत अधिक शारीरिक सक्रियता वाले लोगों के घुटनों में गंभीर समस्याओं के विकसित होने का खतरा अधिक होता है।


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नोट:
यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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