नियमित स्क्रीनिंग कार्यक्रम और हेल्थकेयर कवरेज
विकसित देशों में सरकार राष्ट्रीय या क्षेत्रीय कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित करने में अग्रसर रहती है, जो ब्रेस्ट, सर्वाइकल, कोलोरेक्टल और प्रोस्टेट कैंसर जैसे विशिष्ट कैंसर के लिए मुफ्त या रियायती स्क्रीनिंग की पेशकश करती है। ये कार्यक्रम कुछ आयु समूहों या उच्च जोखिम वाली आबादी को लक्षित करते हैं और स्क्रीनिंग भागीदारी दर बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
कई विकसित देशों में भी सार्वभौमिक या लगभग-सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा वित्तीय बाधाओं के बिना कैंसर स्क्रीनिंग सेवाओं तक पहुंच सकता है। दुख की बात है कि भारत में ऐसी प्रथाओं का अभाव है। लेकिन, पिछले कई वर्षों में, भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस आवश्यकता के प्रति जागा है और कैंसर स्क्रीनिंग को और अधिक व्यापक बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं।
कैंसर की जांच के महत्व को समझने की जरूरत
यह स्पष्ट है कि भारत को कैंसर की रोकथाम, उपचार और देखभाल के लिए तत्काल एक नई प्रतिबद्धता की आवश्यकता है जो बढ़ती चुनौतियों और उन्हें दूर करने के अवसरों को पहचाने, जिसमें कैंसर देखभाल में उन्नत विकास भी शामिल है। भारत को अपनी स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि लोगों को यह एहसास हो कि सामान्य कैंसर के लिए स्क्रीनिंग उतनी ही आवश्यक और सामान्य है जितनी कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की उपस्थिति के लिए स्क्रीनिंग।
कैंसर की बढ़ती घटनाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के लिए देश में मजबूत बुनियादी ढांचे और व्यापक, जोखिम-अज्ञेयवादी कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को सख्ती से चलाया जाना चाहिए। सार्वजनिक और निजी उद्यमों और राज्य स्वास्थ्य विभागों दोनों की जिम्मेदारी है कि वास्तविक लाभ देखने के लिए यथासंभव प्रभावी स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू करें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।