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Dengue: WHO ने चेताया 'एंडेमिक स्तर' पर पहुंच रहा है डेंगू, चरमरा सकता है हेल्थ सिस्टम, दिल्ली में बढ़े केस

Thu, 26 Oct 2023 12:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू के कारण कई देशों में बिगड़े हालात - फोटो : istock
डेंगू, वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बनता जा रहा है, कई देशों में इसके कारण तेजी से संक्रमण बढ़ने और मौत के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस स्तर पर पिछले कुछ वर्षों में डेंगू का खतरा दुनियाभर में बढ़ा है, इसने कई प्रकार की नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

इस बीच पोलिटिको स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ जेरेमी फर्रार ने इसे बड़ा खतरा बताते हुए अलर्ट किया है। डॉ फर्रार ने कहा, जिस तरह से जलवायु परिवर्तन और इसके दुष्प्रभाव बढ़ते जा रहे हैं, इस वजह से ये संक्रामक रोग यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों 'एंडेमिक स्तर' पर पहुंच रहा है। 
एंडेमिक का मतलब किसी विशेष स्थान या लोगों के ग्रुप में फैलने वाली बीमारी, जिससे छुटकारा पाना मुश्किल हो सकता है।

भारत सहित बांग्लादेश और यूरोप के कई हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों में डेंगू के कारण स्थिति बिगड़ती हुई देखी गई है। डॉ फर्रार कहते हैं, साल-दर-साल गर्मी बढ़ रही है। गर्म, नम जलवायु में डेंगू के वायरस के प्रसार का खतरा अधिक होता है। डेंगू के कारण जिस प्रकार के हालात बनते जा रहे हैं, ऐसे में डर है कि इससे कई देशों में पूरा हेल्थ सिस्टम चरमरा सकता है। हम 'साइलेंट खतरे' की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसकी रोकथाम को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है। 
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डेंगू संक्रमण का कहर - फोटो : istock
हेल्थ सिस्टम पर हो सकता है नकारात्मक असर

डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण यूरोप की स्वास्थ्य प्रणालियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। विशेषतौर पर बच्चों को डेंगू की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराने और इंटेसिव केयर की अधिक जरूरत देखी जा रही है, यह हमारी स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रभावित करने वाली समस्या है।

डॉ फर्रार कहते हैं, मुझे नहीं लगता कि हमने इससे पहले कभी भी डेंगू की समस्या को जलवायु से संबंधित स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा है, जबकि यह बड़ा और आवश्यक विषय है।
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डेंगू की स्थिति लेटेस्ट न्यूज - फोटो : istock
भारत में डेंगू की स्थिति

पिछले कुछ महीनों में डेंगू के कारण भारत के कई राज्यों में स्थिति बिगड़ती हुई देखी जा रही है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक से मिल रही जानकारियों में अस्पतालों में रोगियों की संख्या और गंभीर स्थितियों में इंटेसिव केयर की बढ़ती जरूरत देखी गई है।

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे में 67 नए रोगियों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक हालात बिगड़े हैं, हालांकि राहत की बात ये है कि ज्यादातर रोगी आसानी से ठीक होकर घर लौट रहे हैं।

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डेंगू के बढ़ते मामले - फोटो : iStock
दिल्ली में 21 अक्तूबर तक 5000 से अधिक केस

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक 21 अक्टूबर तक दिल्ली में लगभग 5,000 डेंगू के मामले सामने आए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल 21 अक्तूबर तक शहर में डेंगू के 4,965 मामले दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि में 2022 में केवल 1,876 मामले, 2021 में 1,006 और 2020 में 489 मामले सामने आए थे।

राजधानी दिल्ली के साथ बिहार में भी डेंगू के कारण हालात बिगड़े हैं। 24 अक्तूबर तक राज्य में 6869 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। अक्तूबर में हर रोज औसतन 286 लोगों को डेंगू का शिकार पाया जा रहा है।
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डेंगू बुखार से करें बचाव - फोटो : istock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में नोएडा स्थित एक अस्पताल में इंटेंसिव केयर के चिकित्सक डॉ अभिजीत सहाय बताते हैं, रोजाना अस्पतालों में डेंगू के रोगी आ रहे हैं, हालांकि गंभीर रोग विकसित होने या आईसीयू की जरूरत कम ही लोगों को हो रही है। समय के साथ जैस-जैसे मौसम ठंडा होता जाएगा हम उम्मीद कर रहे हैं कि डेंगू के मामलों में कमी आएगी। अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो उम्मीद की जा रही है कि अगले 15-20 दिनों में डेंगू के मामलों में काफी कमी आ सकती है।



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स्रोत और संदर्भ
WHO chief scientist warns of endemic dengue in Europe, US

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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