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High Body Temperature: शरीर के हमेशा गर्म रहने के होते हैं ये कारण, जानिए कितनी गंभीर है समस्या

Wed, 25 Oct 2023 03:58 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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शरीर के बढ़े तापमान का कारण - फोटो : istock
प्रज्ञा पाण्डेय

कई लोगों के शरीर का तापमान हमेशा ही सामान्य से ज्यादा रहता है, जो कि आम बात नहीं है। यह बढ़ा हुआ तापमान कई बार किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। गरमाहट वैसे तो सुकून देती है, लेकिन शरीर का हर समय गरम रहना आम बात नहीं है। इसके लिए आपका लाइफस्टाइल जिम्मेदार हो सकता है। गलत खानपान, हेल्थ कंडीशन, अल्कोहल, कैफीन, मसालेदार भोजन का सेवन और एनवायरमेंट फैक्टर भी इस समस्या का कारण हो सकते हैं। लेकिन कई अन्य कारण भी हैं, जिनसे आपको हमेशा अपना शरीर गरम महसूस होता है। आइए जानते हैं शरीर के तापमान में गर्माहट का कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
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ठंड के मौसम में शरीर का तापमान - फोटो : Istock
मौसम है एक वजह

ठंड के मौसम में अधिक कपड़े पहनने की वजह से शरीर का तापमान बढ़ना सामान्य होता है। गर्मी के मौसम में धूप में ज्यादा देर रहने के कारण भी शरीर का तापमान अधिक हो सकता है। कभी-कभी गर्मी या उमस के मौसम में हाइपोथर्मिया के कारण भी शरीर का तापमान बढ़ जाता है, लेकिन इस तरह से शरीर का तापमान बढ़ना बुखार नहीं होता है।
 
हाइपोथायरायडिज्म

थायराइड बढ़ने के कारण भी शरीर हल्का गर्म महसूस होता है, लेकिन शरीर का हल्का गर्म होने के साथ ही पसीना आना, दस्त होना और घबराहट महसूस होना थायराइड बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शाम को शरीर का गर्म होना सामान्य है। बिना बुखार के शरीर का तापमान अधिक थायराइड के कारण होता है। यह परेशानी तब होती है, जब शरीर में टी3 और टी4 बढ़ा होता है। इस दौरान शरीर का तापमान बढ़ता है और पसीना ज्यादा आता है।
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हल्का बुखार यानी इंफेक्शन - फोटो : istock
बच्चे और बुजुर्गों को समस्या

बिना किसी बुखार के शरीर का तापमान बढ़ने की परेशानी अक्सर कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों में देखी जाती है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे, जो अक्सर धूप में खेलते हैं और बुजुर्ग, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे अक्सर इस समस्या से ग्रसित हो जाते हैं।

हल्का बुखार यानी इंफेक्शन

अगर आपको बुखार है तो वह किसी तरह के इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। यह इंफेक्शन छाती या पेट से जुड़ा हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज न करें, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि हर बुखार का कारण इंफेक्शन भी नहीं होता है।

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व्यायाम से बाद भी बढ़ता है तापमान - फोटो : istock
व्यायाम से बाद भी बढ़ता है तापमान

किसी भी तरह की कसरत के बाद शरीर का तापमान कुछ बढ़ जाता है। ऐसे में आप परेशान न हों, क्योंकि यह बढ़ा तापमान 10 से 15 मिनट में सामान्य भी हो जाता है। रोजाना कुछ वक्त एक्सरसाइज करना सेहत के लिए अच्छा होता है, इसलिए शरीर का तापमान बढ़ने के डर से इसे रोकें नहीं।

गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

अगर हर रात आपका शरीर सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। अगर मरीज को लो ग्रेड फीवर महसूस होने के साथ ही भूख न लगने और लगातार वजन कम होने जैसी समस्याएं आ रही हैं तो यह टीबी होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में जितनी जल्दी हो सके, आप डॉक्टर की सलाह लें।
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वातावरण के अनुकूल बनाएं रहन-सहन - फोटो : pexel
अंग विशेष का तापमान

शरीर के किसी एक अंग का तापमान बढ़ना, साथ ही सूजन होना या उस भाग का रंग अन्य भागों के रंग से अलग दिखाई देना भी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लें।

वातावरण के अनुकूल बनाएं रहन-सहन

फिजीशियन डॉ. प्रतिभा पाल कहती हैं, वैसे शरीर का तापमान बढ़ना और बुखार का न होना सामान्य है, लेकिन शरीर का हल्का गर्म होना और दूसरे लक्षणों के आने पर इसका आकलन करें और उसे दूर करने की कोशिश करें। शरीर का तापमान बढ़ने की समस्या से बचने के लिए सबसे पहले बदले हुए मौसम में अपना ख्याल रखें। गर्मी के मौसम में दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें और पानी तथा अन्य किसी भी तरह का तरल पदार्थ थोड़ी-थोड़ी देर पर लेती रहें। गर्मियों में शरीर का तापमान बढ़ने से कोई परेशानी नहीं होती है। अपना रहन-सहन वातावरण के अनुकूल रखें। अधिक तनाव न लें और खुद को तनावमुक्त रखने के लिए योगासन करती रहें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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