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omicron symptoms: लक्षणों को लेकर न हों कन्फ्यूज, जानिए किसे कोविड टेस्ट की है जरूरत?

Fri, 14 Jan 2022 07:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण की जांच - फोटो : iStock
ओमिक्रॉन वेरिएंट दुनियाभर के विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। अध्ययनों के मुताबिक कोरोना का यह वेरिएंट बेहद संक्रामक है, ऐसे में सभी लोगों के लिए इसका खतरा बना हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक सभी लोगों को इस वेरिएंट से बचाव को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिएंट के तमाम तरह के लक्षणों के बारे में पता चलता है। डेल्टा और ओमिक्रॉन के ज्यादातर लक्षण एक जैसे ही माने जा रहे हैं, हालांकि ओमिक्रॉन संक्रमण की स्थिति में कुछ लोगों में गले में खरोंच और रात में अधिक पसीना आने की समस्याओं के बारे में पता चलता है।

कई रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि लोगों में लक्षण होने के बावजूद भी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। वहीं कुछ लोगों में ओमिक्रॉन के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो रही हैं। आखिर कोरोना का यह नया वेरिएंट किस तरह के लक्षण प्रकट करता है, कैसे जानें कि आप कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोरोना की जांच रिपोर्ट - फोटो : Pixabay
ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मौजूदा समय में कोरोना के सामने आ रहे ज्यादातर मामले एसिम्टोमैटिक या हल्के से मध्यम लक्षण वाले हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, चाहे वह ओमिक्रॉन हो या टीकाकरण। हां, जिन लोगों में डेल्टा वेरिएंट के कारण संक्रमण हो रहा है, सिर्फ उन्हीं लोगों में पहले की ही तरह से गंभीर लक्षण वाले केस देखने को मिल रहे हैं। कुछ लोगों में लक्षण होने के बावजूद भी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इसके लेकर लोगों में कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है। 
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कोविड की जांच - फोटो : PTI
कब कराना चाहिए जांच 
नई गाइडलाइंस के मुताबिक यदि आपको सामान्य लक्षण, बुखार और ऑक्सीजन का स्तर स्थिर बना हुआ है तो सात दिनों का क्वारंटाइन जरूरी है। हालांकि यदि इन लक्षणों के साथ सांस फूलने की भी समस्या हो रही है तो इस बारे में चिकित्सकीय सहायता जरूरी हो जाता है।  अगर आपमें सर्दी, खांसी या बदन दर्द जैसे लक्षण हैं, लेकिन ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऑक्सीजन स्तर को पल्स-ऑक्सीमीटर के माध्यम से मापते रहें और आइसोलेशन में ही सभी नियमों का पालन करते रहें।

सामान्य लक्षणों पर जांच करना जरूरी नहीं है। लक्षण होने के बावजूद रिपोर्ट निगेटिव आने के कई कारण हो सकते हैं, इसका एक प्रमुख कारण है कि कई लोग लक्षण दिखने के पहले दिन ही जांच करा लेते हैं। पहले दिन का परीक्षण नकारात्मक हो सकता है क्योंकि मानव शरीर में वायरस के बढ़ने में समय लगता है।

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जुकाम-बुखार औऱ कोरोना के अन्य लक्षण - फोटो : Pixabay
क्या है आईसीएमआर की गाइडलाइन
आईसीएमआर ने अपने हालिया रिपोर्ट में बताया, जिन लोगों में कोरोना के एसिम्टोमैटिक लक्षण हैं, जिनका होम आइसोलेशन का समय पूरा हो गया है या जिन्होंने हाल ही में अंतर-राज्यीय यात्रा की है, उनको आरटी-पीसीआर परीक्षण करने की आवश्यकता नहीं है। 
इसके अलावा यदि आपमें कोरोना के लक्षण (खांसी, बुखार, गले में खराश, स्वाद और / या गंध की कमी, सांस फूलना और / या अन्य श्वसन लक्षण) हैं या हाल ही में विदेश यात्रा करके आए हैं, उन्हें आरटी-पीसीआर टेस्ट करा लेना चाहिए। 
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ओमिक्रॉन का संक्रमण - फोटो : iStock
कैसे जानें कि आपको ओमिक्रॉन का संक्रमण हो गया है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ओमिक्रॉन के लक्षण आम तौर पर शरीर में दर्द, सामान्य कमजोरी, थकान, सिरदर्द और शुरुआती दिनों में बुखार से शुरू होते हैं। इसके अलावा आपको खांसी, नाक से पानी आने या छींक आने की  भी समस्या हो सकती है। अधिकांश रोगियों में बुखार पहले 3 दिनों में ठीक हो जाता है, वहीं सभी लक्षणों को खत्म होने में पांच-सात दिनों का समय लग सकता है। यदि आपमें इस समय सीमा के बाद भी समस्या बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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