दुनियाभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। रूस ने अगस्त में पहली और हाल ही में अपनी दूसरी वैक्सीन को मंजूरी दे दी है, हालांकि दोनों ही वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल अबतक पूरे नहीं हुए हैं। वहीं चीन ने भी वैक्सीन बना लेने और इमेरजेंसी अप्रूवल के तहत लोगों को लगाए जाने का भी दावा किया है। भारत, ब्रिटेन समेत कई देश वैक्सीन के काफी करीब हैं। इन तमाम खबरों के बाद जरूरी जानकारी यही है कि जनसाधारण के टीकाकरण के लिए एक सुरक्षित और असरदार वैक्सीन अबतक उपलब्ध नहीं है। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च पर विकसित की जा रही वैक्सीन से दुनिया को बहुत उम्मीदें हैं। कहा जा रहा था कि वैक्सीन दिसंबर में उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन क्या सच में ऐसा संभव है?