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अध्ययन: हार्वर्ड विशेषज्ञों ने बताया लंबी आयु पाने का सबसे आसान तरीका, कई बीमारियां भी होंगी दूर

Mon, 23 Aug 2021 06:31 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लंबी आयु के लिए आहार और जीवनशैली में करिए सुधार - फोटो : istock
अच्छी सेहत के लिए सभी लोगों को ऐसे आहार के सेवन की सलाह दी जाती है, जो कई प्रकार के पौष्टिक तत्वों से भरपूर हों। अच्छी सेहत की बात हो और नट्स को भूल जाएं, ऐसे हो ही नहीं सकता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने से लेकर हृदय को स्वस्थ बनाए रखने तक के लिए तमाम तरह के नट्स का नियमित रूप से सेवन शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। कई अध्ययनों से भी स्पष्ट होता है कि ज्यादातर नट्स फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत होते हैं, यह भी सेहत के लिए बेहद आवश्यक होते हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे नट के बारे में बताया है जिसका नियमित सेवन आपको दीर्घायु बना सकता है। 
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों का कहना है कि अखरोट का नियमित रूप से सेवन करना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। यदि सप्ताह में पांच बार भी इसका सेवन किया जाता है तो यह आपकी आयु को बढ़ा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सभी लोगों को लंबी उम्र के साथ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इसका सेवन जरूर करना चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि वैज्ञानिक अखरोट के सेवन को क्यों इतना लाभकारी मान रहे हैं?
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रोजाना कीजिए अखरोट का सेवन - फोटो : iStock
रोजाना अखरोट खाने से लाभ
जर्नल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, सभी लोगों को हफ्ते में कम से कम पांच दिन अखरोट का सेवन जरूर करना चाहिए। हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के विशेषज्ञों के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में बताया गया है कि सप्ताह में पांच दिन एक मुट्ठी (करीब 28 ग्राम) की मात्रा में अखरोट का सेवन, अन्य लोगों की तुलना में आपकी आयु को 1.3 साल तक लंबा करने में मदद कर सकता है।
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सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं अखरोट - फोटो : Social media
कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जो लोग नियमित रूप से अखरोट का सेवन करते हैं उनमें तमाम तरह की अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति के कारण मृत्यु का जोखिम 14 फीसदी और हृदय रोगों के कारण मृत्यु का जोखिम 25 फीसदी तक कम जोखिम हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि आपको अखरोट खाना ज्यादा पसंद नहीं है तो हफ्ते में दो से तीन बार भी इसका सेवन करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि यदि आप सप्ताह में दो से तीन बार भी अखरोट का सेवन करते हैं तो इससे अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों के कारण मृत्यु का जोखिम 13 फीसदी और हृदय रोगों के कारण मृत्यु का जोखिम 14 फीसदी तक कम हो सकता है।

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अखरोट कई पोषक तत्वों के स्रोत (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता
हार्वर्ड के अध्ययन के अनुसार शोधकर्ताओं का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए आहार में अखरोट को शामिल करना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। अखरोट प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सिडेंट के ओमेगा-3 का भी अच्छा स्रोत होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से युक्त चीजों का सेवन वजन घटाने के साथ आंत के स्वास्थ्य में सुधार करते हुए कई तरह के कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता हैं। अखरोट का सेवन इन सभी समस्याओं से आपको बचा सकता है जिससे अन्य लोगों की तुलना में आपकी आयु में बढ़ोतरी हो सकती है।
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कई रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं अखरोट - फोटो : getty images
टाइप-2 डायबिटीज और कैंसर से मिलती है सुरक्षा
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि अखरोट का सेवन टाइप-2 डायबिटीज और कैंसर के खतरे को काफी कम कर देता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अखरोट वजन को नियंत्रित करने में सहायक हैं, ऐसे में यह टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। अधिक वजन को हाई ब्लड शुगर से जोड़कर देखा जाता है। वहीं टेस्ट-ट्यूब, पशु और मानवों पर  किए गए अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने पाया कि अखरोट खाने से स्तन, प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर सहित कई अन्य प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो सकता है।


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नोट: यह लेख हार्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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