प्रतीकात्मक तस्वीर
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नए वैरिएंट पर कितनी प्रभावी फाइजर की वैक्सीन
- ब्रिटेन में किए गए एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन कोरोना के खतरनाक डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ काफी सुरक्षा प्रदान करती है, लेकिन समय के साथ उसकी प्रभावशीलता कम हो जाती है। यह अध्ययन ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और देश के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के शोधकर्ताओं ने किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, फाइजर वैक्सीन शुरू में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करती है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता भी तेज गति से घटती है। यही वजह है कि वैक्सीन की तीसरी खुराक को लेकर भी अध्ययन चल रहे हैं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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