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Heatwave: गर्मियों में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकती है यूटीआई की समस्या, महिलाएं बरतें विशेष सावधानी

Sun, 16 Jun 2024 07:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूटीआई की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : istock
गर्मियों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी स्थितियां गंभीर और जानलेवा दुष्प्रभावों का कारण बन सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, उच्च तापमान वाले इस मौसम में मूत्र पथ में संक्रमण (यूटीआई) के मामले भी अधिक देखे जाते हैं। यूटीआई मूत्र प्रणाली के किसी भी हिस्से में हो सकती है। ज्यादातर संक्रमण निचले मूत्र पथ- मूत्राशय और मूत्रमार्ग को प्रभावित करते हैं। अगर समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो पाए तो संक्रमण के किडनी तक पहुंचने का खतरा हो सकता है। 

डॉक्टर बताते हैं, महिलाओं में पुरुषों की तुलना में यूटीआई होने का जोखिम अधिक होता है। यही कारण है कि उच्च तापमान वाले दिनों में हीट स्ट्रोक और गर्मी के अन्य दुष्प्रभावों से बचाव के साथ-साथ यूटीआई के खतरे को लेकर भी विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
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,मूत्र पथ संक्रमण के कारण होने वाली समस्या - फोटो : istock
डिहाइड्रेशन के कारण बढ़ सकती है समस्या

लखनऊ में यूरोलॉजी विभाग की डॉ. रचना सिंह बताती हैं, गर्मियों के दौरान यूटीआई होने का खतरा उन लोगों में अधिक देखा जाता रहा है जो तरल पदार्थों के सेवन कम करते हैं। डिहाइड्रेशन का ये भी एक दुष्प्रभाव हो सकता है। यूटीआई की स्थिति में पेशाब में जलन और दर्द के साथ बार-बार पेशाब आने, पेशाब की तीव्र इच्छा होने और पेशाब से खून आने की भी समस्या होने लगती है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर इलाज प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है।
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यूटीआई की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : istock
कैसे करें इसकी पहचान?

डॉक्टर बताती हैं, यूटीआई की स्थिति में सभी लोगों में लक्षण महसूस हों ये आवश्यक नहीं है। हालांकि संक्रमण बढ़ने के साथ कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं जिसको लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।
  • पेशाब करने की तीव्र इच्छा जो दूर नहीं होती।
  • पेशाब करते समय जलन महसूस होना।
  • बार-बार पेशाब आना और थोड़ी मात्रा में पेशाब होना।
  • चमकीला गुलाबी या कोला के रंग का पेशाब होना।
  • मूत्र से तेज गंध आना।
  • महिलाओं में पैल्विक हिस्से में दर्द होना।

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यूटीआई के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
यूटीआई के लक्षण दिखें तो क्या करें?

डॉ रचना बताती हैं, यूटीआई जैसे लक्षण पेशाब से संबंधित कई और भी प्रकार की समस्याओं में देखे जाते हैं। इसलिए संक्रमण की जानकारी के लिए यूरिन टेस्ट जरूरी माना जाता है। एक आम मिथक है कि यूटीआई का इलाज क्रैनबेरी जूस से किया जा सकता है हालांकि इससे सभी लोगों को लाभ मिले ये जरूरी नहीं है।

संक्रमण को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक्स को प्रयोग में लाया जाता है, हालांकि संक्रमण के कारक बैक्टीरिया के आधार पर इसमें बदलाव किया जा सकता है।
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डायबिटीज रोगी हैं तो बरतें सावधानी - फोटो : istock
यूटीआई के खतरे से बचे रहने के लिए क्या करें?

डॉ रचना बताती हैं, गर्मी में यूटीआई के जोखिमों को कम करने के लिए हर दिन कम से कम तीन-चार लीटर पानी या तरल पदार्थ पीना सबसे जरूरी है। इसके अलावा हर तीन घंटे में पेशाब जरूर करें। संभोग के बाद पेशाब करना और जननांगों की साफ-सफाई जरूरी है।

जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उनमें यूटीआई का जोखिम अधिक होता है, ऐसे लोगों को अधिक सावधानी बरतते रहनी की सलाह दी जाती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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