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UP Board Exam: मनोचिकित्सक ने बताया- परीक्षा में कैसे करें बेहतर? माता-पिता, छात्रों के लिए ये हैं जरूरी टिप्स

Tue, 20 Feb 2024 03:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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परीक्षा के दौरान होने वाला तनाव - फोटो : Pixabay
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् की परीक्षाएं 22 फरवरी (गुरुवार) से शुरू हो रही हैं। परीक्षाएं स्वाभाविक तौर पर मानसिक तनाव को बढ़ा देती हैं, पर क्या आप जानते हैं कि अनिश्चितता, सामाजिक दबाव और परिणाम को लेकर डर की भावना कई प्रकार से मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है। इतना ही नहीं मनोचिकित्सक कहते हैं, परीक्षाओं को दौरान होने वाला स्ट्रेस होना, आप जितना बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे उसे भी प्रभावित कर सकता है।

मनोचिकित्सक कहते हैं, परीक्षाओं के दौरान आप अच्छा कर सकें, इसलिए जरूरी है कि मन को शांत रखा जाए। तनाव की स्थिति न सिर्फ आपके प्रदर्शन पर असर डालती है साथ ही इससे कई प्रकार की दीर्घकालिक मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

परीक्षाओं के दौरान छात्रों के साथ माता-पिता को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे बच्चों पर परीक्षा का तनाव न बने और उनका मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक रहे।
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एग्जाम स्ट्रेस - फोटो : istock
परीक्षाओं का अनावश्यक दबाव नुकसानदायक

यूपी बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, इस बारे में देश के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ सत्यकांत त्रिवेदी ने छात्रों और माता-पिता के लिए जरूरी टिप्स बताए हैं। अमर उजाला से बातचीत में डॉ सत्यकांत कहते हैं,  परीक्षाओं के दौरान तनाव होना स्वाभाविक है, ये आपको बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है और ध्यान केंद्रित करने में भी मदद कर सकता है,  लेकिन बहुत अधिक तनाव और परीक्षा को लेकर डर के कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

प्रदेश में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बच्चों पर अच्छे नंबर लाने, सामाजिक प्रतिष्ठा का दबाव होता है, पर असल में अत्यधिक तनाव की स्थिति बच्चों की मूल प्रदर्शन क्षमता को कम कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि न सिर्फ बच्चे, उनके माता-पिता भी कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखें।
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स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूरी - फोटो : istock
रात-रात भर जागने से अच्छी तैयारी नहीं होती, बल्कि प्रदर्शन और खराब हो सकता है

डॉ सत्यकांत कहते हैं, परीक्षाओं की घोषणा होते ही बच्चे रात में देर तक जगकर पढ़ना शुरू देते हैं। तारीख नजदीक आते-आते रात में जगने की अवधि और बढ़ जाती है, पर असल में ये आदत ठीक नहीं है। बच्चों को परीक्षा के दौरान कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • नींद से समझौता नहीं- परीक्षा के दौरान बच्चों को अच्छी नींद लेना जरूरी है। नींद की कमी से फोकस और याददाश्त की दिक्कत हो सकती है।
  • जागते रहने और पढ़ने के दौरान चाय-कॉफी के अत्यधिक सेवन से बचें। 
  • रोजाना थोड़ी वॉक-एक्सरसाइज जरूर करें। इससे मन स्वस्थ रहता है।
  • मन में कोई कठिनाई-समस्या या नकारात्मक विचार हो तो उसे अपने दोस्तों-माता-पिता से जरूर साझा करें।
  • परीक्षा के दौरान मोबाइल से दूरी बनाकर रखने की जरूरत है। स्क्रीन टाइम कम होने से नींद अच्छी आती है और प्रदर्शन ठीक रहता है।

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माता-पिता के लिए जरूरी टिप्स - फोटो : Pixabay
माता-पिता भी दें ध्यान

डॉ सत्यकांत कहते हैं, परीक्षाओं के दौरान बच्चों के साथ-साथ माता-पिता और परिवार वालों को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
  • परीक्षाओं के दौरान घर को वॉर रूम में न बदलें। घर का माहौल शांत रखें, बच्चों पर अतिरिक्त दबाव न बनाएं।
  • सुनिश्चित करें कि बच्चे का स्क्रीन टाइम ज्यादा न हो।
  • बच्चों के साथ बातचीत करते रहें, उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें।
  • बच्चों के पोषण का विशेष ध्यान रखें। स्वस्थ और पौष्टिक चीजें याददाश्त बढ़ाने, फोकस बनाने और अच्छे प्रदर्शन में सहायक हैं।
  • सुनिश्चित करें कि बच्चा पर्याप्त नींद ले। इसमें कमी न होने पाए।
  • परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने पर ईनाम देने जैसी बातें भी अतिरिक्त दबाव बनाती हैं, इससे बचा जाना चाहिए।
  • बच्चों की आपस में तुलना न करें, उनके लिए कोई भी टारगेट सेट न करें।
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एग्जाम के लिए जरूरी टिप्स - फोटो : Pixabay
इन बातों पर दें ध्यान

डॉ सत्यकांत कहते हैं, बच्चों के साथ परिजनों के लिए भी ये समझना जरूरी है कि ये सिर्फ बोर्ड की परीक्षाएं हैं, युद्ध नहीं है। आप जितनी सहजता के साथ परीक्षा के लिए जाएंगे, प्रदर्शन उतना ही अच्छा रहेगा। आपने पूरे साल जो पढ़ाई की है समय पर वही काम आता है, परीक्षा के दिनों में उसे सिर्फ रिवाइज किया जा सकता है। इसलिए बिना अनावश्यक दबाव लिए परीक्षा की तैयारी करें और बेहतर परिणाम प्राप्त करें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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