दुनियाभर में कोरोना संक्रमण को डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत गया है। नोवेल कोरोनावायरस की शुरुआत के साथ दुनियाभर के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस गंभीर वायरस से बचाव के उपायों को ढूंढने में लग गए थे। इसे चमत्कार ही कहा जाएगा कि वैज्ञानिकों ने एक साल के भीतर ही कोरोना से मुकाबले के लिए वैक्सीनों को तैयार कर दिया। तमाम अध्ययनों की मानें तो कोरोना संक्रमण से सुरक्षा देने में वैक्सीन ही सबसे प्रभावी हथियार मानी जा सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दुनिया के तमाम देशों ने वैक्सीन के निर्माण का काम शुरू कर दिया।
भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां दो स्वदेशी वैक्सीन- कोविशील्ड और कोवैक्सीन उपलब्ध हैं जबकि कुछ कंपनियां अपने वैक्सीन की स्वीकृति का इंतजार कर रही हैं। इसके अलावा रूस की वैक्सीन स्पुतनिक-वी को भी देश में प्रयोग में लाया जा रहा है, साथ ही हाल ही में भारत सरकार ने अमेरिका की वैक्सीन मॉडर्ना को भी आपातकाल में इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन वैक्सीनों को अलग-अलग तरह से डिज़ाइन किया गया है। इस लेख में हम 4 अलग-अलग प्रकार के वैक्सीनों के बारे में बात करेंगे। यह वैक्सीन किस आधार पर तैयार की गई हैं और किस तरह से काम करती हैं, आइए आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।