सीमित संसाधनों में जब हमारी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं होती तो हम नकारात्मक विचारों से घिर जाते हैं। ऐसी स्थिति में हमें अपने चारों तरफ सब कुछ सिर्फ नेगेटिव ही नेगेटिव नजर आने लगता और हम धीरे-धीरे एक ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं, जहां हमारा अवसाद बढ़ता चला जाता है। हमारा आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। ऐसे हालातों में उपजे नकारात्मक विचारों से कैसे दूर रहें, बता रही हैं मनोचिकित्सक डॉ. नेहा आनंद।