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Thyroid Problem: थायरॉइड से सिर्फ मोटापा ही नहीं प्रजनन समस्याओं का भी हो सकता है खतरा, ऐसे कर सकते हैं बचाव

Sun, 18 Feb 2024 07:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रजनन विकारों की समस्या - फोटो : Pixabay
थायरॉइड, हमारे शरीर की महत्वपूर्ण ग्रंथि है पर क्या हम इसपर ध्यान देते हैं? शायद नहीं। अक्सर बहुत अधिक वजन बढ़ने की स्थिति को थायरॉइड की समस्या से जोड़कर देखा जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि इसके दुष्प्रभाव यहीं तक सीमित नहीं हैं, इस ग्रंथि में होने वाली समस्याएं प्रजनन जैसे गंभीर विकारों का भी कारक हो सकती हैं। महिला और पुरुष दोनों में थायरॉइड के कारण होने वाली दिक्कतों को देखा जाता रहा है।

थायरॉइड, गर्दन में स्थित तितली के आकार की एक छोटी सी ग्रंथि होती है जो कई प्रकार के आवश्यक हार्मोन्स के उत्पादन को बढ़ाने के साथ शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों में भी मदद करती है। इस ग्रंथि में होने वाली समस्या के कारण गर्भधारण करने सहित प्रजनन से संबंधित और भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
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महिलाओं में थायरॉइड की समस्या का जोखिम - फोटो : iStock
थायरॉइड में समस्या के दुष्प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, थायरॉइड हार्मोन के स्तर में कमी की समस्या जिसे हाइपोथायरायडिज्म के नाम से भी जाना जाता है, इसके कारण ओव्यूलेशन, अंडों के रिलीज होने की दिक्कत बढ़ने का खतरा हो सकता है। अगर लंबे समय तक  थायरॉइड हार्मोन में कमी की दिक्कत बनी रहती है तो इसके कारण प्रजनन विकारों का भी खतरा हो सकता है। इसके अलावा हाइपोथायरायडिज्म के कुछ अंतर्निहित कारण जैसे कि कुछ ऑटोइम्यून या पिट्यूटरी विकारों के कारण भी प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, थायरॉइड ग्रंथि को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिनचर्या में कुछ बदलाव करने से लाभ मिल सकता है।
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व्यायाम से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
दिनचर्या में व्यायाम को करें शामिल

थायरॉइड विकारों के जोखिम को कम करने में नियमित व्यायाम करके लाभ पाया जा सकता है। नियमित रूप से मध्यम स्तरीय व्यायाम, थायरॉइड ग्रंथि को स्वस्थ रखने और प्रजनन क्षमता में सुधार करने में मददगार हैं। कुछ प्रकार के योग के अभ्यास की मदद से हार्मोन्स के स्राव को ठीक रखा जा सकता है। व्यायाम, संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने का सबसे कारगर तरीका माना जाता है।

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थायरॉइड टेस्ट जरूरी - फोटो : iStock
थायरॉइड परीक्षण आवश्यक

डॉक्टर बताते हैं जो महिलाएं गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं, उनके लिए नियमित थायरॉइड परीक्षण आवश्यक है। थायरॉइड फंक्शन समय के साथ बदल सकता है और परीक्षण के माध्यम से समस्याओं का शीघ्र पता लगाने में मदद मिल सकती है। समय रहते अगर समस्या का पता लगाने और उपचार प्राप्त करने से इसकी जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है। अपने नियमित स्वास्थ्य जांच में भी थायरॉइड फंक्शन टेस्ट को शामिल किया जाना चाहिए।
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मेडिटेशन से होने वाले लाभ - फोटो : Pixabay
योग को बनाएं दिनचर्या की हिस्सा

दीर्घकालिक रूप से तनाव की समस्या थायरॉइड फंक्शन और प्रजनन क्षमता दोनों पर प्रभाव डाल सकती है। ध्यान, योग और माइंडफुलनेस जैसी तनाव को कम करने वाली गतिविधियों को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करके थायरॉइड के स्तर में सुधार किया जा सकता है। योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर न सिर्फ थायरॉइड फंक्शन में सुधार कर सकते हैं साथ ही प्रजनन की समस्याओं को भी कम किया जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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