आंखों में सूखेपन की समस्या के कारण
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आंखों में सूखापन की समस्या
इस तकलीफ की वजह से आंखों की नमी तो सूखती ही है साथ ही आंखों में पूरे समय किरकिरापन, चुभन, आंखों का लाल होना, खुजली, जलन और दर्द आदि का अनुभव भी होने लगता है। अगर आप आंखों को मसलते हैं, बार- बार खुजली करते हैं तो आंखों के आस-पास की त्वचा और अंदरूनी हिस्सों पर और बुरा असर पड़ सकता है। कई बार गंभीर घाव आदि भी बन जाते हैं।
थायरॉइड में असन्तुलन की वजह से होने वाली तकलीफ का प्रतिशत कुछ सालों में भारत में तेजी से बढ़ा है। यह समस्या आमतौर पर अनुवांशिक यानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचने वाली होती है। इसलिए अगर किसी को ड्राइ आइज की तकलीफ होती है तो डॉक्टर्स उससे फैमिली हिस्ट्री के बारे में भी पूछते हैं कि कहीं उनके परिवार में किसी को ग्रेव्स या हाशिमोटो डिसीज या थायरॉइड के असंतुलन जैसी दिक्कत तो नहीं है?
असल में आंखों को अपना काम सही तरीके से करने के लिए मॉइश्चर की जरूरत होती है। जिन लोगों में थाइरॉइड का असन्तुलन होता है उनमें ये मॉइश्चर कम होता जाता है। कई बार थायरॉइड के कारण आंखों के इर्द-गिर्द मौजूद मांसपेशियों को भी नुकसान हो सकता है। जिन लोगों में थाइरॉइड का बैलेंस नहीं होता उनमें सामान्य तरीके से आंसू बनने में भी दिक्कत आने लगती है, जो आंखों में सूखेपन का कारण बन सकती है।