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आंखों का नूर बरकरार रखना है तो धूप जरूर सेकें, अनिद्रा और डिप्रेशन होगा दूर, कैंसर से भी होगा बचाव

Mon, 10 Aug 2020 04:36 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अमेरिकन एकेडेमी ऑफ ऑप्थेलमोलॉजी की ओर से प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में यह सलाह दी गई है कि आंखों का नूर बरकरार रखना है तो रोज सुबह 10 से 15 मिनट धूप जरूर सेकें। शोधकर्ताओं के मुताबिक, तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं के बीच सूचनाओं के संचार में मददगार हार्मोन ‘डोपामाइन’ के उत्पादन को सूरज की रोशनी में रहने पर बढ़ावा मिलता है। ‘डोपामाइन’ तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद करने वाला एक अहम हार्मोन है। इसकी कमी से आंखों की कोशिकाएं फैलने लगती हैं। नतीजतन व्यक्ति की पास की नजर कमजोर पड़ जाती है।
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Sun Bath - फोटो : Pixabay
  • इस अध्ययन के दौरान वेल कॉरनेल मेडिकल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने पाया कि धूप सेंकने से 20 साल तक के लोगों की आंखों की रोशनी बनाए रखने में मदद मिलती है। प्राकृतिक रोशनी में प्रत्येक घंटे अतिरिक्त रहने पर चश्मा लगने की आशंका दो फीसदी तक घट जाती है। तो अगर आपको भी पावर वाला चश्मा पहनना पसंद नहीं है तो आप भी धूप सेंकने का रोजाना अभ्यास कर सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मुख्य शोधकर्ता क्रिस्टोफर स्टार ने लोगों से खासकर बच्चों के लिए अपील की है। उन्होंने कहा है कि रोज सुबह न केवल 10 से 15 मिनट धूप सेंकने के लिए कहें, बल्कि उन्हें एक से तीन घंटे प्राकृतिक रोशनी में गुजारने के लिए भी प्रेरित करें। इसके अलावा बच्चों को नियमित रूप से विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन से लैस गाजर, संतरे, ब्रोकोली, पालक, अंडे, अंकुरित अनाज खिलाना भी खासा फायदेमंद होगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अनिद्रा की समस्या रहेगी दूर 
  • सूरज की रोशनी शरीर की जैविक घड़ी को नियंत्रित रखने में मदद करती है। यह स्ट्रेस यानी तनाव के लिए जिम्मेवार हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ के उत्पादन को भी रोकता है। इससे अनिद्रा की समस्या भी दूर होती है और अच्छी क्वालिटी की यानी गहरी नींद आती है। 
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Sun Bath - फोटो : Pixabay
हड्डियां बनेंगीं मजबूत
  • सूर्य की रोशनी विटामिन-डी का स्रोत होती हैं। क्रिस्टोफर ने बताया कि सूर्य की रोशनी त्वचा में मौजूद कोशिकाओं को विटामिन-डी के उत्पादन के लिए प्रेरित करती है। यह विटामिन हड्डियों और मांसपेशियों में क्षरण की समस्या दूर रखता है। साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा भी कम करता है। 
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स्तन कैंसर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कैंसर से बचाव में कारगर
  • नियमित रूप से धूप सेंकने पर स्तन, प्रोस्टेट और अंडाशय के कैंसर से मौत के खतरे में भी कमी आती है। हालांकि, व्यक्ति को सुबह छह से सात बजे निकलने वाली धूप ही लेनी चाहिए। दिन में धूप में निकलते समय शरीर के हर खुले हिस्से पर सनस्क्रीन जरूर लगानी चाहिए।
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अवसाद - फोटो : पिक्साबे
डिप्रेशन की शिकायत दूर होगी
  • शोधकर्ता क्रिस्टोफर की मानें तो धूप सेंकने से दिमाग का ‘हाइपोथैलमस’ भाग सक्रिय हो जाता है। यह ज्यादा मात्रा में ‘सेरोटोनिन’ का स्त्राव करता है, जो फील गुड हार्मोन है। इससे व्यक्ति को उदासी, बेचैनी, जीवन से निराशा और खुदकुशी के ख्याल नहीं आते हैं और यदि आते हैं तो उसपर काबू पाने में मदद मिलती है।

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कितनी धूप लेने की जरूरत है? - फोटो : Pixabay
किसे कितनी जरूरत
विशेषज्ञ 10 से 15 मिनट धूप सेंकना काफी मानते हैं। हालांकि कई बार यह भौगोलिक स्थिति, उम्र, त्वचा की रंगत पर निर्भर करता है कि व्यक्ति को कितनी धूप लेने की जरूरत है। सांवले और 60 पार लोगों में विटामिन-डी का उत्पादन धीमा होता है। वहीं, भूमध्य रेखा के करीब स्थित देशों में रहने वालों में यह तेजी से पैदा होता है। 
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Sun Bath - फोटो : Pixabay
'अति सर्वत्र वर्जयेत'
  • कहा गया है कि किसी भी चीज की अति नुकसान पहुंचाती है। जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज के शोधकर्ताओं के मुताबिक, धूप की अति भी बुरी है। कारण कि सूर्य की रोशनी में मौजूद अल्ट्रावायलेट विकिरणें न सिर्फ झुर्रियों और टैनिंग की समस्या को जन्म दे सकती हैं, बल्कि त्वचा कैंसर का भी कारण बन सकती हैं।
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