फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Disease: साल 2050 तक 10 में से 6 लोग हो सकते हैं हृदय रोगों के शिकार, मोटापा-स्ट्रोक का भी बढ़ेगा जोखिम

Sun, 09 Jun 2024 01:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हृदय रोगों का खतरा - फोटो : istock
हृदय रोग वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। साल-दर साल इसका खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से हम सबकी लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी देखी जा रही है, ऐसे में इसके जोखिमों के और बढ़ने की आशंका है। हृदय रोगों के खतरे को लेकर अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल 2050 तक 10 में से 6 से अमेरिकी वयस्क हृदय रोगों के शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग पर हृदय रोग और इसके कारण होने वाली जटिलताओं के मामले बढ़ने की भी आशंका है।

सर्कुलेशन जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह से अमेरिकी लोगों की जीवनशैली गड़बड़ है इसे देखते हुए ज्यादातर लोगों में दिल के दौरे, स्ट्रोक, हृदय रोग, दिल की विफलता, अनियमित हृदय गति और रक्त वाहिकाओं की समस्याएं हो सकती हैं। अगले तीन दशकों में अमेरिका ही नहीं दुनिया के कई अन्य देशों में भी इसका खतरा बढ़ने का अंदेशा है। गौरतलब है कि हृदय रोग दुनियभर में मृत्यु के प्रमुख कारकों में से एक है।
विज्ञापन

2 of 5
हृदय को कैसे रखें स्वस्थ - फोटो : istock
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नैन्सी ब्राउन ने एक बयान में कहा, अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि अगर समय रहते हमने अपनी आदतों और हृदय रोग के जोखिम कारकों में सुधार नहीं किए तो हृदय रोग और स्ट्रोक के कारण भयानक मानवीय और आर्थिक नुकसान हो सकता है। ये जोखिम किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं बल्कि दुनियाभर में हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम देखे जा रहे हैं।

गौरतलब है कि भारत में भी पिछले कुछ वर्षो में, विशेषतौर पर कोरोना महामारी के बाद से कम उम्र के लोगों में हृदय रोग-हार्ट अटैक के कारण मौत के मामले बढ़ते देखे गए हैं।
विज्ञापन

3 of 5
हृदय रोगों के मामले - फोटो : istock
स्ट्रोक-ब्लड प्रेशर और मोटापे की भी खतरा

हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में साल 2020 में 10 मिलियन (एक करोड़) लोगों में स्ट्रोक के मामले रिपोर्ट किए गए थे, हालांकि साल 2050 तक स्ट्रोक के शिकार लोगों की संख्या दोगुनी हो सकती है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप 61% वयस्कों को प्रभावित करेगा और मधुमेह की दर 16% से बढ़कर 27% हो सकती है। इसके अलावा साल 2050 तक 61% लोगों में मोटापे की समस्या हो सकती है जिसकी दर साल 2020 में 43% थी।

4 of 5
नियमित योग-व्यायाम जरूरी - फोटो : istock
स्वस्थ हृदय के लिए ये आठ सुझाव 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने जीवनशैली में सुधार के लिए आठ सुझाव दिए हैं, जिनका पालन करके हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • रात में 7 से 9 घंटे की निर्बाध नींद लेना जरूरी।
  • स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन करें। DASH डाइट के भी लाभ हैं।
  • सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम जरूर करें। 
  • रक्त शर्करा और मधुमेह के जोखिम को प्रबंधित करें।
  • बॉडी मास इंडेक्स 25 से कम रखना और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 130 mg/dL से नीचे रखने के लिए प्रयास करते रहना। 
  • रक्तचाप को 120/80 mmHg से नीचे रखने की कोशिश।
  • धूम्रपान और शराब से बिल्कुल दूरी बना लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
धूम्रपान से बना लें दूरी - फोटो : istock
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सुधारें आदत

अध्ययन के लेखकों ने कहा, हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सिगरेट पीने की आदत छोड़ना सबसे जरूरी है। ये हृदय और रक्त वाहिकाओं के लिए गंभीर समस्याएं बढ़ाने वाली आदत पाई गई है। कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि सिगरेट पीने की प्रवृत्ति में कमी आई है लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग धूम्रपान कर रहे हैं। आहार में सुधार करना, नमक वाली चीजों का सेवन कम करना और नियमित व्यायाम से हृदय स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है। सभी उम्र के लोगों को हृदय स्वास्थ्य को लेकर निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।


--------------
स्रोत और संदर्भ
Forecasting the Burden of Cardiovascular Disease and Stroke in the United States Through 2050


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें