नए वेरिएंट्स ने बढ़ा दिया है खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कई वेरिएंट्स से खतरा
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर क्रिस्टीना डॉल्ड कहती हैं, इस अध्ययन में हमने एसिम्टोमेटिक और सिम्टोमेटिक, दोनों तरह के लोगों पर शोध कर संक्रमण के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडीज के बारे में जानने की कोशिश की। अध्ययन के निष्कर्ष में कहा जा सकता है कि ये एंटीबॉडीज कोरोना के अल्फा और बीटा वेरिएंट्स से मुकाबले के लिए पर्याप्त नहीं पाई गई हैं। ऐसे में यह मान कर चलना कि जिन लोगों को एक बार संक्रमण हो गया है, उन्हें दोबारा इसका खतरा नहीं है, यह गलत है।