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Arthritis: गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए डाइट में करें ये बदलाव, जानें किन चीजों से करें परहेज

Fri, 01 Aug 2025 05:24 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गठिया का दर्द आमतौर पर उम्रदराज लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन खराब जीवनशैली के कारण युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। दिनचर्या में कुछ बदलाव करके आप इस दर्द को नियंत्रित कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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गठिया - फोटो : Freepik.com
Arthritis: अर्थराइटिस जिसे आमतौर पर गठिया के नाम से जाना जाता है, एक ऐसी बीमारी है जो आपके शरीर में जोड़ों को प्रभावित करती है। इस स्थिति में जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन और अकड़न होने लगती है, जिससे दैनिक जीवन का काम करना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि यह समस्या मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी हुई है, लेकिन आज की खराब जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं।

गठिया के दर्द को कम करने और इसके लक्षणों को नियंत्रित करने में सही खान-पान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ विशेष खाद्य पदार्थ दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं, जबकि कुछ अन्य चीजें स्थिति को और खराब कर सकती हैं। आइए इस लेख में हम उन खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं, जिन्हें गठिया के मरीजों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए, साथ ही ये भी जानेंगे कि गठिया के मरीजों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
डाइट में शामिल करें ये चीजें
गठिया के दर्द को कम करने के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, और केल कैल्शियम, विटामिन K, और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाती हैं। बेरीज (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी) और अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करते हैं। फैटी फिश जैसे सैल्मन और सार्डिन में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो जोड़ों की सूजन को कम करता है। इसके अलावा, हल्दी, अदरक, और लहसुन जैसे मसाले दर्द और सूजन से राहत दिलाते हैं। जैतून का तेल भी जोड़ों के लिए लाभकारी है।

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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
इन चीजों से करें परहेज
गठिया के मरीजों को कुछ खाद्य पदार्थों से सख्त परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट में सैचुरेटेड फैट गठिया के लक्षण को बढ़ा सकते हैं। चीनी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे सोडा, कैंडी, और आइसक्रीम साइटोकाइन प्रोटीन का उत्पादन बढ़ाते हैं, जो गठिया को बदतर बना सकता है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे सफेद ब्रेड, मैदा, और बेकरी उत्पाद भी सूजन को ट्रिगर करते हैं। अधिक नमक का सेवन जोड़ों में सूजन और दर्द को बढ़ा सकता है। इसके अलावा आलू का सेवन भी सीमित मात्रा में करें, आलू में मौजूद सोलनिन केमिकल गठिया के दर्द को बढ़ा सकता है।

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गठिया - फोटो : Freepik.com
जीवनशैली में बदलाव
सही डाइट के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव भी गठिया के दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित हल्का व्यायाम जैसे वॉकिंग, योग जोड़ों की लचक बढ़ाते हैं और अकड़न को कम करते हैं। इसके साथ ही वजन को भी नियंत्रित रखें, क्योंकि अतिरिक्त वजन जोड़ों पर दबाव डालता है। पर्याप्त पानी पीने से जोड़ों में नमी बनी रहती है। ठंडे मौसम में गर्म पानी से नहाना और गर्म सिकाई करना दर्द से राहत देता है। धूम्रपान और शराब से बचें, क्योंकि ये हड्डियों को कमजोर करते हैं और सूजन को बढ़ाते हैं।
 
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गठिया - फोटो : Freepik.com
गठिया के दर्द को नियंत्रित करना संभव है, बशर्ते आप सही डाइट और जीवनशैली अपनाएं। एंटी-इंफ्लेमेटरी आहार जैसे हरी सब्जियां, बेरीज, फैटी फिश जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाते हैं, जबकि रेड मीट, चीनी, और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करना जरूरी है। नियमित व्यायाम, वजन प्रबंधन, और स्वस्थ आदतें गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं। हालांकि, कोई भी नया आहार या बदलाव शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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