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Dengue Risk: शुभमन गिल को प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत, जानिए क्या हैं प्लेटलेट्स और इसका कम होना कितना खतरनाक

Tue, 10 Oct 2023 06:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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shubman gill - फोटो : Twitter
भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज शुभमन गिल डेंगू से पीड़ित हैं, जिसके कारण वह विश्व कप में भारत के पहले मैच में टीम का हिस्सा नहीं थे। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को स्वास्थ्य जांच में उनका ब्लड प्लेटलेट काउंट एक लाख प्रति माइक्रोलीटर से कम आया, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि अब तबीयत ठीक है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उनके आगामी कुछ मैचों में हिस्सा लेने पर संदेह बना हुआ है। वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

डेंगू की गंभीर स्थिति में प्लेटलेट्स काउंट कम होना या रक्तस्रावी बुखार की दिक्कत होना आम है, यह गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का भी कारण बन सकती है। डॉक्टर कहते हैं, डेंगू के ज्यादातर मरीजों में प्लेटलेट्स काउंट कम होने के जोखिम देखे जाते रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि ब्लड में प्लेटलेट्स क्या होते हैं और डेंगू में यह कम क्यों होने लगता है? अगर आप भी संक्रमण के शिकार हैं तो किन उपायों से इसमें सुधार किया जा सकता है?
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डेंगू संक्रमण की स्थिति - फोटो : istock
पहले जानिए ब्लड प्लेटलेट्स क्या हैं?

प्लेटलेट्स को थ्रोम्बोसाइट्स भी कहा जाता है, ये हमारे रक्त में छोटे-रंगहीन कोशिकाओं के टुकड़े नुमा होते हैं जिनका मुख्य काम थक्के बनाना और रक्तस्राव को रोकना है। प्लेटलेट्स, हमारे बोन मैरो में बनते हैं। बोन मैरो में स्टेम सेल्स होती हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के रूप में विकसित होती हैं।

वयस्कों में सामान्य प्लेटलेट काउंट 150,000 से 450,000 प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलीटर रक्त के बीच होती है। 150,000 प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलीटर से कम प्लेटलेट को सामान्य से कम माना जाता है। जब आपके ब्लड में प्लेटलेट कम होने लगते हैं, तो रक्त के थक्के नहीं बन पाते जिसके कारण रक्तस्राव होने का जोखिम रहता है।
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प्लेटलेट्स कम होने की समस्या - फोटो : Pixabay
डेंगू में क्यों कम हो जाते हैं प्लेटलेट्स?

अब बड़ा सवाल ये है कि डेंगू रोगियों में प्लेटलेट्स क्यों कम होने लगते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डेंगू  के गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स काउंट कम होना सामान्य है, इसका मुख्य कारण ये है कि संक्रमण की स्थिति आपके बोन मैरो को सप्रेस कर देती है, जिससे प्लेटलेट का उत्पादन कम हो जाता है। इसके अलावा डेंगू में वायरस के संक्रमण के कारण रक्त कोशिकाएं भी प्रभावित होने लगती हैं, जिसके कारण भी प्लेटलेट्स में कमी होने लग जाती है। डेंगू से इतर कुछ प्रकार की अंतर्निहित बीमारियों, शरीर में विटामिन्स की कमी और रक्त से संबंधित कुछ बीमारियों में भी आपको लो प्लेटलेट्स की समस्या हो सकती है।

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खून में प्लेटलेट्स की मात्रा - फोटो : Pixabay
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या होता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू के ज्यादातर मामलों में सामन्य उपचार से ही स्थिति में सुधार हो जाता है, हालांकि संक्रमण बढ़ने और रोग के गंभीर रूप लेने की स्थिति में प्लेटलेट्स काउंट कम होने का जोखिम रहता है। इस स्थिति में त्वचा, शरीर के अन्य हिस्सों पर रक्तस्राव के धब्बे दिख सकते हैं। गंभीर डेंगू की स्थिति फेफड़ों, लिवर या हृदय को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। प्लेटलेट्स कम होने से ब्लड प्रेशर कम होने लगता है जिससे शॉक लग सकता है।
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डेंगू संक्रमण की गंभीर स्थिति - फोटो : istock
प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपमें डेंगू संक्रमण है और प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं तो शीघ्रता से डॉक्टर से संपर्क करें। इसमें उपचार की आवश्यकता होती है। रोगियों को हाइड्रेशन का ध्यान रखने की विशेष सलाह दी जाती है। दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार आदि के सेवन से रोग की स्थिति में सुधार हो सकता है। घरेलू उपायों से प्लेटलेट्स में सुधार के प्रमाण नहीं है इसलिए किसी भी उपचार विधि को पालन में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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