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कोरोना महामारी के बीच चीन में नए संक्रमण का खतरा, इस वायरस से सात लोगों की मौत के बाद बढ़ी चिंता

Fri, 07 Aug 2020 02:31 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस से दुनियाभर के देशों को प्रभावित किया है। 200 से ज्यादा देश इस वक्त कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। अमेरिका, भारत, ब्राजील जैसे देशों में हर दिन कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण काल के बीच चीन में एक नई संक्रामक बीमारी ने दस्तक दी है। इस संक्रमण से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इससे संक्रमित होने वालों की संख्या 60 के पार चली गई है। इस नई बीमारी ने चीन में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • चीन में इस नई संक्रामक बीमारी ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। चीन के सरकारी मीडिया ने बीते बुधवार को ही इस बात की आशंका जताई कि इंसानों के बीच यह संक्रमण फैल सकता है। इससे चीन में अबतक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 लोग बीमार हैं।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • खबरों के मुताबिक, पूर्वी चीन के जियांग्सू प्रांत में अबतक एसएफटीएस (SFTS) वायरस से 37 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि अन्हुई प्रांत में भी 23 लोगों के संक्रमित होने की खबर सामने आई है। फिलहाल चीन की शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी इस मामले में गंभीरता और संवेदनशीलता बरत रही है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • खबरों के मुताबिक, जियांग्सू प्रांत की राजधानी नानजियांग में एसएफटीएस (SFTS) वायरस से संक्रमित एक महिला को शुरुआत में खांसी और बुखार के लक्षण दिखाई दिए थे। एक महीने के इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • एसएफटीएस (SFTS) वायरस चीन के अन्हुई और झेजियांग प्रांत में कम से कम सात लोगों की मौत का जिम्मेदार बन चुका है। हालांकि, एसएफटीएस कोई नया वायरस नहीं है। चीन में पहली बार साल 2011 में इसका पता चला था। विषाणु विज्ञानियों का मानना है कि यह संक्रमण पशुओं के शरीर पर चिपकने वाले कीड़े (टिक) से इंसानों में फैल सकता है। इसके बाद इंसानों के बीच इस संक्रमण का प्रसार हो सकता है।
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जानलेवा है प्लेग - फोटो : Amar Ujala
  • मालूम हो कि बीते दिनों उत्तरी चीन में ब्यूबानिक प्लेग के फैलने का भी मामला सामने आया था, जिसको लेकर चीनी सरकार ने चेतावनी जारी की थी। मंगोलिया में एक 15 साल के लड़के की इसी संक्रमण की वजह से मौत हो गई थी। गनीमत रहा कि यह संक्रमण वृहद स्तर पर नहीं फैला था। 

यह भी पढ़ें: क्या 'डेड बॉडी' यानी इंसानी शवों से भी फैलता है कोरोना संक्रमण? 

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