फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान: कोविड के बीच लोगों में बढ़ी 'मास्कएक्ने' की समस्या, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Sat, 07 Aug 2021 12:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मास्क लगाए रहने के कारण त्वचा की समस्याएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से जारी कोरोना के संक्रमण से बचाव को ही सुरक्षा का सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को अच्छी तरह से मास्क लगाकर रखने, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। कोरोना के नए और अधिक घातक वैरिएंट्स के सामने आ रहे मामलों के बीच कई अध्ययनों में लोगों को डबल-मास्किंग की भी सलाह दी जा रही है। 
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने हाल ही में अपने नए कोविड दिशानिर्देशों में वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को भी बाहर जाते समय मास्क पहनने की सलाह दी है। हालांकि, लंबे समय तक मास्क लगाने से लोगों को कई गंभीर समस्याएं हो रही हैं। रिपोर्टस में सामने आया है कि ज्यादा देर तक मास्क लगाकर रहने के कारण लोगों को त्वचा से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल की भाषा में इसे 'मास्कएक्ने' नाम दिया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में इस समस्या के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
मास्कएक्ने की बढ़ती दिक्कतें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
मास्क के कारण हो रही हैं त्वचा संबंधी दिक्कतें
कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने और बीमारी से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों के लिए मास्क पहनना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। जहां भी जाएं आपको हर समय मास्क पहने लोग मिल जाएंगे। किराने की दुकान पर हो या पार्क, ऑफिस में हो या परिवहन सुविधाओं में लोगों के लिए मास्क पहनकर रखना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि लगभग डेढ़ साल से अधिक समय से ज्यादा से ज्यादा वक्त तक मास्क पहनकर रखने के कारण लोगों को त्वचा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की मानें तो लंबे समय तक मास्क पहने रहने से लोगों को मुंहासे, त्वचा पर लालिमा, खुजली और दाने निकलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
मास्क के कारण चेहरे पर दाने और लालिमा की समस्या (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixa
क्यों हो रही है मास्कएक्ने की समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो लंबे समय तक मास्क पहनने से आपकी त्वचा को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। इसके अलावा त्वचा पर होने वाली नमी को मास्क अवशोषित कर लेता है, जिसके कारण रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और नमी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यह स्थिति मुंहासे, त्वचा पर लालिमा और खुजली का कारण बन सकती है। इसके अलावा मास्क के कारण त्वचा से होने वाले घर्षण की स्थिति में भी इस तरह की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। वहीं यदि आपकी त्वचा कुछ प्रकार के कपड़ों की सामग्री के प्रति संवेदनशील है, तो इससे एलर्जी की प्रतिक्रिया भी हो सकती है।

4 of 5
अच्छी क्वालिटी के मास्क पहनें (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कैसे बचें इन समस्याओं से?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा देर तक मास्क लगाने के कारण त्वचा पर होने वाली इन समस्याओं से बचने के लिए आपके सबसे पहले अच्छे क्वालिटी के मास्क पहनने की जरूरत है। चूंकि कोरोना संक्रमण के मामले फिर एक बार बढ़ने शुरू हो गए हैं और नए वैरिएंट्स तीसरी लहर की आशंका भी बढ़ा रहे हैं, ऐसे में बाहर जाते समय मास्क लगाकर रखना आवश्यक है। हालांकि जब आसपास ज्यादा भीड़ न हो या आप किसी कमरे में हो तो मास्क उतार लेना चाहिए, जिससे त्वचा को ऑक्सीजन मिलती रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
समय-समय पर चेहरे की करते रहें सफाई - फोटो : Social media
इन उपायों को लाएं प्रयोग में
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क के कारण बढ़ती त्वचा की समस्याओं को देखते हुए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने चेहरे को समय-समय पर धोते रहें। मास्क निकालने के बाद चेहरे को पानी से साफ करना न भूलें। ऐसा करने से आपकी त्वचा की अशुद्धियों खत्म हो जाएगी। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर बिना रसायन वाला क्रीम या मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं। इससे रोमछिद्र बंद नहीं होंगे साथ ही त्वचा पर होने वाली समस्याओं को भी कम किया जा सकेगा। ध्यान रहे, त्वचा पर रसायनिक सौंदर्य प्रसाधनों के प्रयोग से बचना चाहिए।


------
नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्टस और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें