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अलर्ट: डेंगू से रिकवरी के बाद भी लंबे समय तक बनी रह सकती हैं ऐसी समस्याएं, जानिए कैसे करें बचाव?

Thu, 25 Nov 2021 06:19 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पोस्ट डेंगू के लक्षण - फोटो : iStock
Medically Reviewed by-
डॉ सौरभ गुप्ता
(इंटेंसिव केयर)
लखनऊ


राजधानी दिल्ली सहित देश के कई अन्य राज्यों में डेंगू के बढ़े मामलों ने लोगों को चिंता बढ़ा दी है। कोरोना के बाद डेंगू के केस के चलते स्वास्थ्य क्षेत्र पर बड़ा दवाब देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मच्छरों के काटने के कारण होने वाली यह बीमारी कुछ स्थितियों में जानलेवा हो सकती है। इसके अलावा डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स कम हो जाने के कारण शरीर में कई गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जिसका असर लंबे समय तक भी बना रह सकता है।

डेंगू को ठीक करने का वैसे तो कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, इसके लक्षणों को कम करने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू से ठीक हो जाने के बाद भी कुछ लोगों में लंबे समय तक कई लक्षण बने रह सकते हैं। डेंगू के वायरस के जड़ से खत्म हो जाने के बाद भी शरीर में कुछ ऐसी समस्याएं छोड़ जाते हैं जिनसे आपको लंबे समय पर पऱेशान रहना पड़ सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ लक्षणों और बचाव के बारे में जानते हैं। 
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डेंगू से ठीक होने के बाद की दिक्कतें - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सौरभ गुप्ता बताते हैं, वैसे तो डेंगू से ठीक होने के बाद इससे संबंधित लक्षणों का होना बहुत ही कम देखा जाता है, हालांकि जिन लोगों को पहले से ही कोमारबिडिटी या कमजोर इम्यूनिटी की समस्या है, उनमें इस तरह के मामले देखे जा सकते हैं। जो लोग हाल फिलहाल डेंगू से ठीक होकर लौटे हैं उन्हें इन बातों और लक्षणों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में जानते हैं। 
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थकान को कैसे दूर करें - फोटो : iStock
बहुत अधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
डेंगू से रिकवरी के बाद ज्यादातर लोगों में लंबे समय तक थकान और कमजोरी महसूस होने की समस्या देखी जा रही है।  डॉ सौरभ बताते हैं, डेंगू के दौरान लोगों को लंबे समय तक 102-104 डिग्री फ़ारेनहाइट तक बुखार रहता है। इसके अलावा प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में शरीर पर और भी नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इन वजहों से थकान और कमजोरी की समस्या कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। इसके अलावा, चूंकि संक्रमण से लड़ने से प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए व्यक्ति को बार-बार संक्रमण होने का भी खतरा हो सकता है।

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बालों का झडना - फोटो : iStock
बालों के झड़ने की समस्या
कोविड-19 से ठीक हो रहे मरीजों में बालों के झड़ने की समस्या देखी गई थी, इसी तरह से डेंगू के संक्रमण के बाद भी लोगों को इस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। जिन लोगों में डेंगू का असर गंभीर होता है उनमें रिकवरी के बाद बालों के झड़ने की समस्या देखने को मिल सकती है। डेंगू की दवाओं का दुष्प्रभाव के रूप में लोगों को एलोपीसिया तक की भी समस्या हो सकती है।
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शरीर में बनी रह सकती है दर्द की समस्या - फोटो : iStock
ऐसे लक्षणों से भी रहें सावधान
डॉक्टर बताते हैं डेंगू से रिकवरी के बाद लोगों को लंबे समय तक जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, वजन कम होने, भूख न लगने और चक्कर आने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। यही कारण है कि रिकवरी के बाद लोगों को कुछ महीनों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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पौष्टिक आहार का करें सेवन - फोटो : iStock
कैसे रहें सुरक्षित?
डॉ सौरभ बताते हैं, डेंगू से रिकवरी के बाद की गई लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है, इसलिए अस्पताल से छुट्टी मिलने को बीमारी ठीक होना मान लेना सही नहीं है। डेंगू के दौरान संक्रमण के लड़ने में शरीर में माइक्रोन्यूट्रियंट्स में कमी आ जाती है, जिसके चलते लंबे समय पर आपको कुछ समस्याएं हो सकती है। इससे बचाव के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखें। आहार में उन चीजों को शामिल करें जिससे शरीर को आवश्यक सभी पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स का सेवन करते रहें। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। 


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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