दीपावली के त्योहार के बाद राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से स्मॉग ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। दिवाली के बाद दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक "गंभीर" श्रेणी में पहुंच गया है, जिसे सेहत के लिए गंभीर समस्याओं का कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखों पर लगे प्रतिबंध का लोगों ने उल्लंघन किया जिसके चलते राष्ट्रीय राजधानी जहरीले धुंध की चादर से घिर गई है। दिल्ली के कई हिस्सों में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की कॉसंट्रेशन 999 प्रति क्यूबिक मीटर मापी गई। पीएम 2.5 के इस स्तर को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद खतरनाक मान रहे हैं।
डॉक्टर बताते हैं, एयरबोर्न पीएम 2.5 का बढ़ा हुआ स्तर हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों और यहां तक कि फेफड़ों के कैंसर का भी कारण बन सकता है। ऐसे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं पीएम 2.5 आखिर क्या है, और इसका बढ़ना किस तरह से हानिकारक हो सकता है?