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अलर्ट: सर्दियों में बढ़ जाता है निमोनिया का खतरा, जानिए बचाव के लिए कौन से घरेलू तरीके हो सकते हैं कारगर?

Mon, 17 Jan 2022 02:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्दियों में बढ़ती निमोनिया की समस्या - फोटो : iStock
पूरा देश इस समय कोरोना संक्रमण के कारण परेशान है। हर रोज संक्रमितों के बढ़ते मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से बचाव के लिए सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए। इसके अलावा चूंकि यह सर्दियों का मौसम है ऐसे में सभी लोगों को इस मौसम में होने वाली कई अन्य बीमारियों को लेकर भी सावधान रहना चाहिए। सर्दियों के मौसम में लोगों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है, इस बारे में भी अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्दियों में अक्सर लोगों को निमोनिया हो जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि श्वसन संबंधी वायरल संक्रमण जैसे कि फ्लू आदि सर्दियों में अधिक आम हैं। ये  निमोनिया के जोखिम को बढ़ा देते हैं। मुख्यरूप से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस संक्रमण, निमोनिया का कारण बनते हैं, जिसमें बैक्टीरिया सबसे अधिक फेफड़ों के संक्रमण को ट्रिगर करते हैं। बैक्टीरियल निमोनिया, फ्लू या कोविड-19 जैसे वायरल संक्रमण की जटिलता के रूप में भी हो सकता है, इस बारे में लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि इस समस्या से छुटकारा दिलाने में कौन से घरेलू उपाय कारगर हो सकते हैं?
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छाती में बलगम जमा होने की समस्या - फोटो : Pixabay
निमोनिया को लेकर रहें सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, घरेलू उपचारों से  निमोनिया का इलाज नहीं किया जा सकता है। इसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करके दवाइयों की आवश्यकता होती है। हालांकि दवाइयों के साथ कुछ घरेलू उपायों को प्रयोग में लाकर  इसके लक्षणों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद जरूर मिल  सकती है। हालांकि यदि आपको निमोनिया की समस्या है और आप इसका इलाज करा रहे हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी अन्य उपाय को प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
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कोविड-19 औऱ निमोनिया का खतरा - फोटो : iStock
कोविड-19 और निमोनिया की समस्या
अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोनावायरस से संक्रमितों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है और यह  गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। साल 2020 में किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि कुछ लोगों को कोविड निमोनिया का खतरा अधिक हो सकता है। उनमें हैं-
  • जो 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं।
  • हृदय या मस्तिष्क वाहिकीय रोग के शिकार लोग।
  • शरीर में कार्डियक ट्रोपोनिन का स्तर अधिक होना। यह एक ऐसा प्रोटीन है जो हार्ट इंजरी को इंगित करता है।
  • सांस की समस्याओं के शिकार लोग।

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निमोनिया से करें बचाव - फोटो : Istock
निमोनिया से कैसे बचाव करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, निमोनिया से बचाव के लिए हाइजीन का विशेष ध्यान रखें। आमतौर पर निमोनिया का कारण बनने वाले बैक्टीरिया और वायरस को गुड हाइजीन के नियमों का पालन करके दूर रखा जा सकता है। इसलिए बार-बार हाथ धोने, खांसते-छींकते समय नाक और मुंह को ढक कर रखने जैसे उपायों को ध्यान में रखना कारगर हो सकता है। चूंकि निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक संक्रमण है और सर्दियों के मौसम में निमोनिया अधिक होता है, इसलिए ठंड से बचाव करना भी आवश्यक माना जाता है।
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गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है निमोनिया - फोटो : Pixabay
इन घरेलू उपायों से मिलती है राहत
निमोनिया के कारण के आधार पर, डॉक्टर संक्रमण के इलाज के लिए दवा लिखते हैं। दवाओं के अलावा संक्रमण को कम करने के लिए नमक पानी के गरारे करना, धूम्रपान से दूरी बनाए रखना आपके लक्षणों को तेजी से कम करने में सहायक है। निमोनिया के कारण छाती में होने वाली जलन और बलगम को बाहर निकालने में पिपरमिंट की चाय पीना फायदेमंद हो सकता है। शोध बताते हैं कि पिपरमिंट में डिकॉन्गेस्टेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण होते हैं जो निमोनिया की समस्या को कम करने में मददगार हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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